*एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷
➡ *12 जनवरी 2022 बुधवार को शाम 04:50 से 13 जनवरी, गुरुवार को शाम 07:32 तक एकादशी है ।*
💥 *विशेष – 13 जनवरी, गुरुवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।*
🙏🏻 *एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें …….विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l*
पौष पुत्रदा एकादशी- 13 जनवरी, 2022
पौष मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पौष पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है।
मुहूर्त-
एकादशी तिथि प्रारम्भ – जनवरी 12, 2022 को 04:49 पी एम बजे
एकादशी तिथि समाप्त – जनवरी 13, 2022 को 07:32 पी एम बजे
14 जनवरी को, पारण (व्रत तोड़ने का) समय – 07:15 ए एम से 09:21 ए एम
पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय – 10:19 पी एम
षटतिला एकादशी- 28 जनवरी, 2022
माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है।
मुहूर्त-
एकादशी तिथि प्रारम्भ – जनवरी 28, 2022 को 02:16 ए एम बजे
एकादशी तिथि समाप्त – जनवरी 28, 2022 को 11:35 पी एम बजे
29 जनवरी को, पारण (व्रत तोड़ने का) समय – 07:11 ए एम से 09:20 ए एम
पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय – 08:37 पी एम
एकादशी पूजा- विधि-
सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें।
भगवान विष्णु को पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।
अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।
भगवान की आरती करें।
भगवान को भोग लगाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि बिना तुलसी के भगवान विष्णु भोग ग्रहण नहीं करते हैं।
इस पावन दिन भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा भी करें।
इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।

