सर्दियों में सेहत का खजाना : राजमा🔹*
*🌹 प्रोटीन्स व खनिजों से भरपूर राजमा स्वादिष्ट, अत्यंत बलकारक तथा पुष्टिदायी दलहन है । यह रुक्ष, वातकारक व पचने में भारी होता हैं । इस मे कैल्शियम, मैंगनीज, फोस्फोरस, लौह, कैरोटिन, थायमिन, राइबोफ्लाविन, नायसिन, विटामिन k, B, C आदि पोषक तत्व पाये जाते हैं ।*
*🔹राजमा खाने के इतने लाभ!🔹*
*🌹1. यह शरीर की रक्त-शर्करा को संतुलित बनाये रखता है अतः मधुमेह में लाभदायी है ।*
*🌹2. यह चरबी को बढ़ने नहीं देता, इससे मोटापा में भी लाभदायी है ।*
*🌹3. यह हड्डियों को मजबूत बनाता है ।*
*🌹4. यह आँखों, बाल व मांसपेशियों के लिए हितकारी है ।*
*🌹5. स्तनपान कराने वाली माताओं के दूध की पौष्टिकता को बढ़ाता है ।*
*🌹6. इसका सेवन करनेबाली गर्भवती महिलाओं में फॉलिक एसिड की कमी नही होती, जिससे गर्भस्थ शिशु का विकाश ठीक से होता है ।*
*🌹7. यह कोलेस्ट्रॉल व उच्च रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद करता है ।*
*🔹राजमा का पूरा लाभ पाने हेतु🔹*
*🌹 लोग राजमा को स्वादिष्ठ बनाने के लिए इसमें अधिक मात्रा में तेल, मसाला, प्याज आदि ग्रेवी बना डालते है । इससे राजमा के गुणों में कमी आ जाती हैं । और स्वास्थ्य को हानि पहुँचती है । पूरा लाभ लेने के लिए रात्रि में राजमा को गरम पानी में भिगो दें । सुबह नरम होने तक उबालें और अदरक, हींग, हल्दी, मीर्च, धनिया आदि डाल कर रसेदार सब्जी बनायें ताकि पचने में सुलभ हो ।*
*🔹सावधानियाँ- 🔹*
*🌹1. राजमा अधिक मात्रा से सेवन करने से गैस, पेटदर्द, कब्ज, उल्टी तथा मांसपेशियों से सम्बंधित समस्याएँ हो सकती हैं ।*
*🌹2. यह पचने में भारी होता है अतः इसका सेवन लगातार न करें । इसे सुबह के भोजन में खायें, रात के भोजन में नहीं खायें ।*
*🌹3. जिनकी जठराग्नि मंद है वे लोग तथा किसी भी विमारी में विशेषतः जोड़ों के दर्द तथा वातरक्त व्याधि में एवं वर्षा ऋतु में इसका सेवन न करें ।*

