गोपनीय तरीके से हो रहे चुनाव का लोगों ने किया विरोध, चुनाव निरस्त करने व चुनाव तिथि आगे बढ़ाने की मांग

  • सेजबहार में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में चुनाव,
  • वोटिंग को लेकर रहवासियों ने किया हंगामा 

मुख्यधारा @ रायपुर. हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में आज चुनाव रखा गया था। 1365 मकान वाले इस कॉलोनी के लोग जब मतदान के लिए मतदान स्थल पहुंचे तो उन्हें मताधिकार से वंचित कर दिया गया। चुनाव अधिकारी विपिन कुमार बारिक द्वारा यह बताया गया कि जो सदस्य हैं वही वोट डाल सकते हैं भीड़ ने जब पूछा की कितने सदस्य हैं तो अधिकारी ने बताया कि सिर्फ 44 लोग हैं इस बात पर कॉलोनी के लोग भड़क गए उनका कहना था कि हम इस कॉलोनी में 10 साल से रह रहे हैं हमसे सभी तरह का टैक्स लिया जाता है उसके बावजूद हमें चुनावी प्रक्रिया से अलग क्यों रखा गया है।

लोगों का कहना था कि चुनाव के संबंध में उन्हें एक अखबार के छोटे से क्लासिफाइड एड के माध्यम से जानकारी हुई किंतु उसमें चुनावी प्रक्रिया के बारे में कुछ भी विस्तार से नहीं बताया गया था। इसलिए कॉलोनी के सभी लोग सीधे वोट डालने मताधिकार का प्रयोग करने मतदान स्थल पहुंच गए। लोगों का कहना था, कि उन्हें चुनावी प्रक्रिया बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए हम इस चुनाव को नहीं मानते हैं, और आपसे निवेदन करते है कि इस चुनाव को निरस्त कर चुनाव की तिथि आगे बढ़ाई जाए। किंतु चुनाव अधिकारी ने इस बात से सीधे इंकार करते हुए कहा कि मैं बिना विधि सलाहकार के सलाह के निरस्त नहीं कर सकता और अभी वो छुट्टी पर है।

कालोनी के लोगों ने जब कहा आप इस चुनाव के परिणाम को घोषित मत करिए। लोगो के आवेदन पर भी चुनाव अधिकारी साइन करने से इंकार कर दिया। पुलिस के बीच बचाव के बाद उन्होंने आवेदन की कॉपी पर हस्ताक्षर किया और कहा कि आप लोग सीधे कोर्ट ले जाइए। भीड़ के हटते ही समय से पूर्व (तीन बजे) ही चुनाव परिणाम घोषित कर दिया गया। जबकि चुनाव परिणाम 5 बजे घोषित किया जाना था।

इस आम चुनाव में कॉलोनी के रहवासियों को पहले से ही फर्जीवाड़ा की आशंका थी। इसलिए उन्होनें 13 जुलाई 2023 को रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाऐं, छत्तीसगढ़ को आवेदन दिया था। जिसमें उन्होंने मांग किया था कि रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाऐं, छत्तीसगढ़ अपने नियमों के तहत इस चुनाव में सभी लोगों को जोड़कर निष्पक्ष मतदान करवाएं। भीड़ ने जब इस पत्र का हवाला दिया तो चुनाव अधिकारी ने सीधे इंकार कर दिया। कॉलोनी वासियों को जब वोट देने के अधिकार से जब वंचित रखा गया तब आक्रोशित भीड़ ने कहा कि हम यहां पिछले 10 सालों से रह रहे हैं और हमें वोट देने नहीं दिया जा रहा है। हम इस चुनाव को नहीं मानते हैं यह चुनाव फर्जी हैं वोट नहीं तो टैक्स नहीं।

 

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