अब भी डेपुटेशन पर हैं हेडमास्टरनी मैडम

अब भी डेपुटेशन पर हैं हेडमास्टरनी मैडम

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों और कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही अटैचमेंट एवं प्रतिनियुक्ति व्यवस्था को खत्म कर उन्हें मूल पदस्थापना पर वापस भेजने की प्रक्रिया के बीच कटघोरा विकासखंड का एक मामला चर्चा में है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला स्याहीमुड़ी में पदस्थ प्रधान पाठिका सीमा चतुर्वेदी की प्रतिनियुक्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सीमा चतुर्वेदी की 5 जनवरी 2022 से बीटीआई बिलासपुर से प्रतिनियुक्ति के आधार पर कटघोरा विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला स्याहीमुड़ी में पदस्थापना हुई थी। अब सवाल यह है कि इतने लंबे समय बाद भी उनकी वर्तमान पदस्थापना किस प्रशासनिक आदेश के आधार पर जारी है।

विभागीय आदेशों के पालन पर सवाल

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से अटैचमेंट और प्रतिनियुक्ति व्यवस्था को समाप्त कर शिक्षकों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेजने की कवायद की जा रही है। इसका उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाना और उन्हें उनके मूल शैक्षणिक दायित्वों से जोड़ना बताया गया है। इसी बीच कटघोरा के मामले में यह स्पष्टता जरूरी हो गई है कि संबंधित कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति की वैध अवधि कितनी थी और वर्तमान पदस्थापना के लिए कोई नया आदेश या अनुमति जारी हुई है या नहीं।

2022 से जारी प्रतिनियुक्ति बनी चर्चा का विषय

उपलब्ध विवरण के मुताबिक जनवरी 2022 में प्रतिनियुक्ति के बाद से तीन साल से अधिक समय बीत चुका है। ऐसे में विभागीय रिकॉर्ड की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि प्रतिनियुक्ति की अवधि के दौरान उसे किस स्तर से अनुमति या विस्तार मिला। यदि प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त हो चुकी है, तो शासन के निर्देशों के बावजूद मूल पदस्थापना पर वापसी क्यों नहीं हुई, यह भी जांच का विषय है।

संरक्षण के आरोपों की भी हो जांच

मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर संबंधित कर्मचारी को कथित संरक्षण मिलने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विभागीय दस्तावेजों और संबंधित आदेशों की जांच जरूरी होगी। यदि कोई वैध प्रशासनिक आदेश वर्तमान पदस्थापना के समर्थन में मौजूद है, तो विभाग की ओर से उसकी स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।

विभाग से स्पष्टता की मांग

अब शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभाग को यह स्पष्ट करना होगा कि सीमा चतुर्वेदी की वर्तमान पदस्थापना किस आदेश के तहत है, प्रतिनियुक्ति की वैध अवधि क्या है और शासन के मौजूदा निर्देशों के बाद उनके मामले में क्या कार्रवाई की गई है। कटघोरा का यह मामला सिर्फ एक कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा विभाग के आदेशों के प्रभावी पालन और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है। रिकॉर्ड की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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