रायपुर : राजीव गांधी किसान न्याय योजना से खेती-किसानी को बेहतर बनाने में जुटे किसान : छिन्दगढ़ के हरि सिंह प्रोत्साहन राशि से खरीदेंगे नया कल्टीवेटर

वनांचल के ग्राम पुजारीपाल के कृषक रोहित और रमाकांत ने कराया खेत का समतलीकरण

रायपुर, 06 जून 2020

छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना से राज्य में खेती-किसानी को लेकर कृषकों के उत्साह दोगुना कर दिया है। कोरोना संकट की वजह से परेशानियों से जुझ रहे किसानों के लिए इस योजना के तहत किसानों के बैंक खाते में पहुंची सहायता राशि ने खरीफ की खेती को संबल प्रदान किया है। कुछ ही दिनों में मानसून दस्तक देगा। इसको देखते हुए किसान जोर-शोर से खरीफ की तैयारियों में जुट गए हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा किसानों को प्रदाय की गई प्रथम किश्त की राशि से खरीफ की तैयारी में कृषकों को बेहद मदद मिली है। राज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर और सरगुजा के वनांचल के कृषक बेहद खुश हैं। खेती-किसानी से ठीक पहले राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों को मदद पहुंचाने के लिए वह मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रति आभार जताते नहीं थकते।
सुकमा जिले के छिंदगढ़ के कृषक श्री हरिसिंह नेगी ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का आभार जताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने इस योजना के माध्यम से किसानों के हितों की रक्षा की है। उन्होंने बताया कि उन्हें राजीव गांधी किसान न्याय योजना की प्रथम किश्त के रूप में 20 हजार रूपए मिल हैं। इससे वह अपने खेतों की जुताई के लिए नया कल्टीवेटर (ट्रेक्टर चलित हल) खरीदेंगे। हरि सिंह ने समर्थन मूल्य पर लगभग ढाई लाख रूपए का धान बेचा था। उन्हें प्रोत्साहन राशि के रूप में लगभग 80 हजार रूपए मिलेंगे। हरि सिंह ने बताया कि उन्होंने सात साल पहले ट्रेक्टर खरीदी थी, जिसका कल्टीवेटर पुराना और खराब हो गया है। प्रोत्साहन राशि से वह नया कल्टीवेटर खरीदेंगे।
सुकमा जिले के ग्राम पुजारीपाल के कृषक रोहित राणा और रमाकांत बघेल ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तारीफ करते हुए कहा कि यह योजना खेती-किसानी को बढ़ावा देने में मददगार साबित हुई है। कृषक रोहित राणा ने इस योजना के तहत मिली प्रोत्साहन राशि से अपनी छह एकड़ उबड़-खाबड़ भूमि का समतलीकरण कर उसे सब्जी-भाजी की खेती के लिए तैयार किया है। रामाकांत बघेल ने भी दो एकड़ भूमि का समतलीकरण कराकर उसे खेती के लायक बना दिया है। रोहित राणा ने बताया कि उसने 80 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा था, जिसके एवज में उसे योजना के तहत लगभग 50 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। उसने बताया कि खेत समतलीकरण कराने पर कुल 20 हजार रूपए का खर्च आया। जिसका अधिकांश हिस्से की भरपाई उन्होंने प्रोत्साहन राशि से की है। रोहित राणा की प्लानिंग अब आधुनिक तरीके से सब्जी-भाजी की खेती करने और अपने छोटे भाई-बहनों की शिक्षा की बेहतर व्यवस्था करने की है।
इसी जिले के ग्राम पतिनाईकरास के प्रगतिशील कृषक लक्ष्मीनाथ बघेल ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत मिली प्रोत्साहन राशि से अपनी कृषि भूमि में बड़े पैमाने पर सब्जी की आधुनिक खेती की तैयारी में जुट गए हैं। लक्ष्मीनाथ बाड़ी विकास योजना का लाभ उठाकर एक एकड़ में सब्जी उत्पादन का कार्य कर रहे थे। योजना अंतर्गत मिली प्रोत्साहन राशि ने उनका उत्साह बढ़ा दिया है। अब वह और अधिक रकबे में सब्जी उत्पादन के इंतजाम करने में जुट गए हैं। कृषक श्री लक्ष्मीनाथ बघेल का कहना है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत मिली प्रथम किश्त की राशि से किसानों की खरीफ की तैयारी की चिंता दूर हो गई है।

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