रक्षाबंधन के दिन राजधानी रायपुर के महादेव घाट पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। बहन की अस्थियां विसर्जित करने खारुन नदी पहुंचे युधिष्ठिर सारंग नदी में डूब गए थे। करीब 30 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद SDRF की टीम ने उनका शव बरामद कर लिया। यह घटना डीडी नगर थाना क्षेत्र के महादेव घाट की है।
अस्थि विसर्जन के दौरान भंवर में फंसे
जानकारी के अनुसार, युधिष्ठिर सारंग अपने परिवार के साथ बहन की अस्थियां लेकर महादेव घाट पहुंचे थे। अस्थि विसर्जन के दौरान वह नदी में उतर गए। इसी दौरान वह भंवर की चपेट में आकर एनिकट के पास गहरे पानी में डूब गए। युवक के नदी में डूबने की जानकारी मिलते ही मौके पर SDRF की टीम को बुलाया गया। इसके बाद टीम ने खारुन नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश शुरू की।
तेज बहाव और गहराई के कारण रेस्क्यू में हुई परेशानी
नदी में पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण SDRF की टीम को सर्च ऑपरेशन के दौरान काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। टीम लगातार करीब 30 घंटे तक युवक की तलाश में जुटी रही। लंबी तलाश के बाद SDRF ने आखिरकार युवक का शव नदी से बरामद कर लिया। शव मिलने की खबर के बाद परिवार में मातम छा गया।
जिस दिन बहन को अंतिम विदाई दी, उसी दिन भाई की मौत
इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। परिवार जिस दिन बहन की अस्थियों का विसर्जन करने महादेव घाट पहुंचा था, उसी दिन भाई की भी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
नदी में उतरते समय सावधानी की अपील
हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से नदी और अन्य जलस्रोतों में उतरते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। गहरे पानी और तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
