रायपुर में कथित धर्मांतरण के आरोप को लेकर शनिवार देर रात विवाद की स्थिति बन गई। गांधी चौक न्यू आनंद नगर निवासी तरेन्द्र कुमार वर्मा ने तीन महिलाओं पर प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, 32 वर्षीय तरेन्द्र कुमार वर्मा मोबाइल की दुकान चलाते हैं। उनकी पहचान सुषमा कौशिक, लक्ष्मी निषाद और सुरेखा रंगारे से पहले से थी। तरेन्द्र का आरोप है कि तीनों महिलाएं उसे ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहती थीं और प्रार्थना के जरिए बीमारी व दुख दूर होने की बात बताती थीं।
प्रार्थना सभा में बुलाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, 21 अगस्त को दोपहर करीब 2:30 बजे तरेन्द्र सुषमा के घर के पास पहुंचा था। वहां करीब 20 से 25 लोग प्रार्थना कर रहे थे। आरोप है कि सुषमा, लक्ष्मी और सुरेखा ने उसे ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा और प्रार्थना की शक्ति के बारे में बताया। इसके बाद तरेन्द्र ने घटना की जानकारी अपने दोस्तों को दी। शिकायत दर्ज कराने के लिए हिंदू संगठन से जुड़े लोग खमतराई थाने पहुंचे। इसी दौरान मसीही समाज के लोग भी थाने पहुंच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई।
दोनों पक्षों की एफआईआर
पुलिस स्टेशन परिसर में देर रात तक दोनों पक्षों के लोग मौजूद रहे। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून के तहत रायपुर कमिश्नरेट में यह पहली एफआईआर है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों और संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
