रायपुर। राजधानी से लगे आरंग थाना क्षेत्र में एक शिक्षक की हत्या का मामला सामने आया है। बनचरौदा के पास महानदी के तट पर शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर का खून से लथपथ शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक डंगनिया (चंपारण) के रहने वाले थे और शासकीय विद्यालय कुम्हारी में शिक्षक के पद पर पदस्थ थे।
बताया जा रहा है कि शिवकुमार किसान नेता रुपन चंद्राकर के भतीजे थे। पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामले को हत्या मानकर जांच शुरू कर दी है।
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सिर पर भारी वस्तु से वार की आशंका
प्रारंभिक जांच के मुताबिक शिवकुमार के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने की आशंका है। घटनास्थल के पास से उनकी बाइक भी बरामद हुई है।
पुलिस ने मौके का निरीक्षण करने के बाद आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह और वारदात में शामिल लोगों की पहचान सामने नहीं आई है।
पुरानी रंजिश के एंगल से जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद आरंग थाना प्रभारी सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में पुलिस पुरानी रंजिश से जुड़े विवाद के एंगल पर भी जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसे हत्या की आधिकारिक वजह के तौर पर पुष्टि नहीं की है।
पुलिस अन्य संभावित पहलुओं को भी ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
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डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर से डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया। टीम ने मौके की बारीकी से जांच कर संभावित साक्ष्य जुटाए।
घटनास्थल को सुरक्षित रखने के साथ आसपास के क्षेत्र की भी जांच की गई है। पुलिस बरामद बाइक और मौके से मिले अन्य सुरागों को भी जांच का हिस्सा बना रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण और शरीर पर आई चोटों की प्रकृति को लेकर अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, आसपास के लोगों से पूछताछ और अन्य जांच बिंदुओं के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हत्या की वजह और आरोपियों की पहचान जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
