- हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हो रही थी सुनवाई, केस को आगे बढ़ाया
- एससी/एसटी अधिनियम के संशोधन व जिला स्तरीय कमेटी के नोटिस को दी है चुनौती
छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस अध्यक्ष अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी की याचिका पर 23 नवंबर को नियमित सुनवाई होगी। जाति विवाद में बिलासपुर हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका पर गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हो रही थी। कोर्ट ने केस को आगे बढ़ा दिया। मामले की सुनवाई जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस गौतम चौरड़िया की बेंच में हुई।
ऋचा एश्वर्य जोगी ने अधिवक्ता गैरी मुखोपाध्याय के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की हैं। इसमें उन्होंने अपने जाति प्रमाण पत्र को लेकर जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की ओर से जारी नोटिस और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग अधिनियम 2013 में किए गए संशोधन को चुनौती दी हैं। मुंगेली की जिला स्तरीय जांच समिति ने ऋचा जोगी का जाति प्रमाणपत्र खारिज कर दिया है।
जाति प्रमाणपत्र के चलते ही निर्वाचन रद्द हुआ
हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद मामले को रेगुलर बेंच में रखने के लिए 23 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। ऋचा जोगी और अमित जोगी के जाति विवाद के चलते ही उनका नामांकन भी मरवाही उपचुनाव में खारिज कर दिया गया है। हाईपावर कमेटी ने चुनाव ऑफिस को अमित जोगी का जाति प्रमाण पत्र रद्द किए जाने का लेटर भेजा और उन्हें कंवर जाति का नहीं माना। इसके बाद दोनों का नामांकन खारिज कर दिया गया।

