दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत बड़ा फैसला सुनाते हुए बेटे को पिता के 7.15 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि देखभाल का वादा पूरा नहीं होने पर संपत्ति वापस ली जा सकती है।

सेवा नहीं की तो बेटे को लौटाने होंगे 7.15 करोड़ रुपये, पिता के पक्ष में आया फैसला

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों को लेकर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि माता-पिता की देखभाल करने के वादे पर बेटे या किसी परिजन को संपत्ति या धन दिया गया हो और वह अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करे, तो वरिष्ठ नागरिक उस संपत्ति या धन की वापसी…

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