राजधानी सहित प्रदेश में तापमान गिरा मैदानों से बस्तर तक आज बौछारें संभव

समुद्र से आ रही नमी के कारण बुधवार को प्रदेश में दिन का तापमान तीन से चार डिग्री तक गिर गया। बादलों के कारण आज दिन में अप्रैल वाली गर्मी महसूस नहीं हुई। ज्यादातर जगहों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे पहुंच गया। मौसम विज्ञानियों ने अगले दो-तीन दिनों तक प्रदेश के बस्तर और रायपुर संभाग में कुछ हिस्सों में तेज हवा के साथ गरज-चमक और अंधड़ चलने की चेतावनी दी है।

उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश और भीतरी कर्नाटका में ऊपरी हवा में अलग-अलग चक्रवात बने हुए हैं। इन सिस्टम के कारण कर्नाटक, तमिलनाडू, ओडिशा सहित आसपास के हिस्से में अगले 24 से 48 घंटे तक भारी बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों मंे बारिश का असर छत्तीसगढ़ पर भी पड़ेगा। दक्षिणी छत्तीसगढ़ के बस्तर, बीजापुर, कांकेर तथा मध्य छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव सहित उत्तरी हिस्से में सूरजपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और कोरबा में भी कहीं-कहीं पर नमी के साथ तेज हवा चलेगी। कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।

दो दिन रहेगी गर्मी से राहत
लालपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार प्रदेश में अगले दो-तीन दिनों तक बदली-बारिश के हालात रहेंगे। तापमान कम रहेगा और गर्मी से राहत मिलेगी। आमतौर पर अप्रैल के दूसरे सप्ताह के बाद तापमान में वृद्धि देखी जाती है, लेकिन इस समय यह सामान्य से नीचे है। 16-17 अप्रैल प्रदेश में दिन का तापमान 40 डिग्री से नीचे रहने का अनुमान है। चक्रवातों का असर खत्म होने और मौसम खुलने के बाद ही तापमान में वृद्धि होगी।

दिन-रात दोनों तापमान कम
बुधवार को रायपुर में दिन का तापमान 36 डिग्री रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से 4 डिग्री कम है। जगदलपुर में पारा 32.5 डिग्री तक गिर गया, जो सामान्य से 5 डिग्री कम है। दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, पेंड्रारोड में भी पारा 35 से 39 डिग्री के बीच रहा। सभी जगह तापमान सामान्य से कम है। बिलासपुर, अंबिकापुर और पेंड्रारोड में रात का तापमान 21 से 22 डिग्री के बीच है। यहां पारा सामान्य से एक से तीन डिग्री तक कम है। रायपुर में 24 तथा अन्य जगहों पर यह 20 से 24 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। सभी जगह तापमान सामान्य या सामान्य से कम है।