थाईलैंड के नॉनथाबुरी प्रांत में शुक्रवार को हुई स्कूल गोलीबारी की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। पुलिस के अनुसार, एक किशोर छात्र ने पहले अपने दादा-दादी की उनके घर में गोली मारकर हत्या की और इसके बाद स्कूल पहुंचकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में तीन शिक्षकों और तीन छात्रों की मौत हो गई। आरोपी छात्र की भी मृत्यु हो गई है।
स्कूल पहुंचकर बरसाईं गोलियां
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अपने दादा की लाइसेंसी पिस्तौल का इस्तेमाल किया। इसके बाद वह बैंकॉक के बाहरी इलाके स्थित डेबसिरिन नॉनथाबुरी स्कूल पहुंचा और फायरिंग शुरू कर दी। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं, जबकि अभिभावक अपने बच्चों को सुरक्षित घर ले जाने के लिए स्कूल पहुंचे।

भागने के दौरान घायल हुए छात्र
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी के दौरान जान बचाने के लिए भाग रहे कम से कम 15 छात्र घायल हो गए। हालांकि इनमें से किसी को गोली नहीं लगी, बल्कि भगदड़ और अफरा-तफरी के दौरान चोटें आईं।
26 राउंड फायर, मौके से अतिरिक्त गोलियां बरामद
थाई पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कुल 26 राउंड फायरिंग की। घटनास्थल से 34 अतिरिक्त कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और हमले के पीछे की वजह जानने का प्रयास कर रही है।

थाईलैंड में हथियारों की संख्या चिंता का विषय
थाईलैंड दक्षिण-पूर्व एशिया के उन देशों में शामिल है जहां निजी हथियारों की संख्या काफी अधिक है। अनुमान के मुताबिक देश में करीब एक करोड़ आग्नेयास्त्र मौजूद हैं, यानी लगभग हर सात लोगों पर एक हथियार उपलब्ध है। विशेषज्ञों का मानना है कि हथियारों की आसान उपलब्धता ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारणों में से एक है।
पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की पृष्ठभूमि, मानसिक स्थिति और हमले के संभावित कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
