- पहले चरण के चुनाव में 223 उम्मीदवारों में से 97 ग्रेजुएट 43% उम्मीदवार
- महिला आरक्षण बिल के बाद भी महिला उम्मीदवारों की संख्या 25 (11%)
धनेश दिवाकर@ मुख्यधारा, छठवी विधानसभा के लिए हो रहे पहले चरण के चुनाव में 223 उम्मीदवारों में से 97 ग्रेजुएट 43% उम्मीदवार है। जो स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिए एक अच्छा संकेत है। हालांकि इसबार 21 % करोड़पति उम्मीदवार है तो 12 % घोषित आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवार है जिन उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले घोषित हैं 07 %
छत्तीसगढ़ विधान सभा चुनाव के पहले चरण के 20 विधानसभा सीटों पर 223 उम्मीदवारों में से 141 शिक्षित उम्मीदवार है। जिसमे 97 उम्मीदवार ग्रेजुएट है। 12वीं पास 64 उम्मीदवार तो दसवीं पास 17 उम्मीदवार आठवीं पास 27 उम्मीदवार हैं वहीं पांचवी पास 07 उम्मीदवार है। अच्छी बात यह है कि पहले चरण के 20 विधानसभा सीटों में से 97 (43%) उम्मीदवार जो स्नातक या उससे ऊपर हैं इन उम्मीदवारों 26 से उम्मीदवार 13-13 भाजपा-कांग्रेस पार्टी के ग्रेजुएट है।
संसद में भले ही आनन फानन में महिला आरक्षण बिल यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास कर दिया गया। जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 % आरक्षण प्रावधान किया गया। किंतु छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण में टिकट देने के मामले में सभी पार्टियां पीछे हैं। पहले चरण के कुल 223 उम्मीदवारों में कल 25 उम्मीदवार महिला उम्मीदवार है जो कि 11% है। 25 महिला उम्मीदवारों में भाजपा-कांग्रेस पार्टी के 3-3 उम्मीदवार है।
| उम्मीदवारों की मुख्य बातें | |
|---|---|
| विश्लेषण किए गए निर्वाचन क्षेत्रों की कुल संख्या | 20 |
| कुल उम्मीदवारों का विश्लेषण किया गया | 223 |
| घोषित आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवार | 26(12%) |
| जिन उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले घोषित हैं | 16(7%) |
| करोड़पति उम्मीदवार | 46(21%) |
| उम्मीदवार जो स्नातक या उससे ऊपर हैं | 97 (43%) |
| जिन अभ्यर्थियों ने पैन घोषित नहीं किया है | 26 (12%) |
| कुल महिला उम्मीदवार | 25 (11%) |

