योगेश यादव /बलौदाबाजार- बलौदा बाजार जिला मुख्यालय जहाँ सारे वरिष्ठ अधिकारी रहते हैं, वहां सूत्रों के मुताबिक पता चला है की शासन-प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा हैं सेक्स रैकेट जिला मुख्यालय के बहुचर्चित सेक्स स्केण्डल की परतें धीरे धीरे खुलने लगी हैं, इस सेक्स स्केण्डल के पीछे पूरा एक रैकेट काम कर रहा हैं,
ये रैकेट सब से पहले पैसे वाले पुरुष को चिंहित करता हैं, फिर उससे घनिष्ठता बढ़ा कर पूरी योजना के साथ नगर के लॉज एवं शहर के आउटर भवनों मे चिंहित पुरुष के पास भेजी जाती हैं ,जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली जाती हैं, फिर शुरू होता हैं शिकार को भयभीत करने का सिलसिला, शिकार को सामाजिक रूप से बदनाम करने, उसका गृहस्थ जीवन बरबाद करने एवं थाने कोर्ट कचहरी की भी धमकी दी जाती हैं, भयभीत पीड़ित पुरुष घबरा कर इस सेक्स रैकेट का शिकार बन अपनी खून पसीने की कमाई से जोड़ें गए लाखों रुपये गिरोह को दे देता हैं, लोक लाज एवं भय के कारण इस लूटपाट का मामला भी दर्ज नहीं होता।
थाने तक नही पहुंच पाती शिकायत
जानकारी के मुताबिक जिला मुख्यालय मे पिछले 3 महीनों मे कई मामले सुनाई दे चुके हैं जिसमे एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम अवैध वसूली हो चुकी हैं, विश्वस्त सूत्रों के अनुसार इस रैकेट का मास्टरमाइंड आखिर कौन है , ये तो आने वाले समय में पता चल ही जाएगा। जानकारी के मुताबिक महिला दलाल को शिकार चिंहित कर के देता हैं वहीं शिकार के फॅस जाने पर समझौता कराने के नाम पर लाखों रुपए की वशूली करता हैं, आखिर कौन इसमें शामिल है, और इन पर कार्यवाही क्यूं नही होती ये भी जानने वाला सवाल है।
उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार ने बताया की किसी भी अपराधी को छोड़ा नहीं जायेगा चाहे वो कोई भी हो, अगर पीड़ित पक्ष शिकायत करता है तो कार्यवाही जरूर होगी।
हनी ट्रैप दो शब्दों से मिलकर बना है। हनी और ट्रैप। हनी का मतलब शहद होता है और ट्रैप का मतलब जाल। आसान शब्दों में कहें, तो एक ऐसा मीठा जाल, जिसमें फंसने वाले को अंदाजा भी नहीं होता कि वो कहां फंस गया। खूबसूरत युवतियां हाई प्रोफाइल लोगों, दुकानदारों, युवाओं एवं प्रौढ़ व्यक्तियों को इसका शिकार बनाती हैं और उनसे मोटी रकम वसूल लेती हैं।

