चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम यानी चेपॉक में रविवार की सुबह घरेलू क्रिकेट का नजारा बिल्कुल अलग दिखा। दलीप ट्रॉफी फाइनल देखने के लिए करीब 12 हजार दर्शक स्टेडियम पहुंचे और इसकी सबसे बड़ी वजह 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे। मैच शुरू होने से करीब आधे घंटे पहले ही C, D और E ब्लॉक के निचले स्टैंड भरने लगे थे। सुबह 9:30 बजे खेल शुरू होने तक ये स्टैंड पूरी तरह भर चुके थे। दर्शकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुबह 10 बजे तीन और स्टैंड आम लोगों के लिए खोल दिए गए।
वैभव को देखने उमड़े क्रिकेट फैंस
घरेलू क्रिकेट मुकाबलों में आमतौर पर स्टेडियम की बड़ी संख्या में सीटें खाली नजर आती हैं, लेकिन दलीप ट्रॉफी फाइनल में चेपॉक का माहौल अलग था। करीब 12 हजार दर्शकों ने मैच का लुत्फ उठाया। इनमें कई फैंस चेन्नई सुपर किंग्स की पीली जर्सी में भी नजर आए। इस भीड़ के पीछे मुख्य आकर्षण वैभव सूर्यवंशी थे। 15 साल के इस बल्लेबाज ने रविवार सुबह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दर्शकों को खूब रोमांचित किया।
मोहम्मद सिराज के खिलाफ दिखाए बड़े शॉट
वैभव ने भारत के टेस्ट तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के खिलाफ भी बेखौफ बल्लेबाजी की। सिराज के खिलाफ उन्होंने 12 गेंदों में तीन चौके और एक छक्का लगाया। शुरुआत में सिराज और केरल के तेज गेंदबाज एमडी निधीश ने उछाल और सीम मूवमेंट से वैभव को परेशान करने की कोशिश की। वैभव ने शुरुआत में जोखिम कम लिया और ऑफ साइड में शॉट खेलकर रन बनाने पर ध्यान दिया। इसके बाद सिराज ने जब गेंद की लंबाई बदली तो वैभव ने मौके का फायदा उठाया। उन्होंने एक ही ओवर में सिराज की गेंदों को दो बार मिड-ऑफ के ऊपर से भेजा और तेजी से रन बटोरे।

44 रन पर आउट हुए वैभव
वैभव सूर्यवंशी ने 37 गेंदों में 44 रन बनाए। उनकी पारी करीब 93 मिनट चली। इस दौरान उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर 100 रन की साझेदारी भी की। हालांकि, सीवी मिलिंद की रिब की ऊंचाई तक आई शॉर्ट गेंद पर वैभव ने शॉट खेला, जो डीप मिडविकेट की ओर चला गया और वह आउट हो गए। वैभव के आउट होते ही चेपॉक में मौजूद दर्शकों का उत्साह अचानक शांत पड़ गया और C लोअर स्टैंड से कुछ दर्शक स्टेडियम से बाहर जाने लगे।
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पहली आधिकारिक पांच दिवसीय परीक्षा
वैभव ने अब तक केवल 10 फर्स्ट-क्लास मुकाबले खेले हैं और यह उनका पहला आधिकारिक पांच दिवसीय मुकाबला है। इसके बावजूद उनकी बल्लेबाजी को लेकर ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने उनके गेम सेंस की तारीफ की। ईशान के मुताबिक, वैभव अपनी उम्र के हिसाब से काफी समझदार हैं और उन्हें पता है कि मैदान पर किस तरह बल्लेबाजी करनी है। उनके लिए सबसे अहम बात रन बनाकर टीम की मदद करना है। वैभव सूर्यवंशी की यह छोटी लेकिन आक्रामक पारी एक बार फिर दिखाती है कि घरेलू क्रिकेट में इस युवा खिलाड़ी को लेकर दर्शकों के बीच किस तरह का उत्साह पैदा हो चुका है।
