महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर अपनी क्रिकेट समझ की एक और झलक दिखाई है। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन की कप्तानी कर रहे वैभव ने अपने कप्तानी करियर के पहले ही DRS रिव्यू में सही फैसला लिया। उनके रिव्यू के बाद अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और सेंट्रल जोन के बल्लेबाज आर्यन जुयाल को पवेलियन लौटना पड़ा।
ईशान किशन के चोटिल होने पर मिली कप्तानी
सेंट्रल जोन और ईस्ट जोन के बीच मुकाबला बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के ग्राउंड-1 पर खेला जा रहा है। ईस्ट जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन मैच के दौरान चोटिल हो गए, जिसके बाद उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने टीम की कमान संभाली। ईशान किशन को 19वें ओवर के दौरान उंगली में चोट लगी और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। इसके बाद वैभव ने फील्डिंग की जिम्मेदारी संभाली और गेंदबाजों के साथ रणनीति बनाने के साथ फील्ड सेटिंग भी की। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी कुमार कुशाग्र ने संभाली।
40वें ओवर में लिया पहला DRS
वैभव के लिए कप्तानी का सबसे खास पल सेंट्रल जोन की पारी के 40वें ओवर में आया। मुकेश कुमार की गेंद पर आर्यन जुयाल के खिलाफ कैच की अपील हुई, लेकिन मैदानी अंपायर ने इसे नकार दिया। स्लिप में खड़े वैभव को पूरा भरोसा था कि गेंद बल्ले से लगी है। मुकेश कुमार ने भी कप्तान को रिव्यू लेने का सुझाव दिया। वैभव ने बिना देर किए DRS का इशारा कर दिया। रिप्ले में अल्ट्राएज पर गेंद के बल्ले के करीब से गुजरने के दौरान हलचल दिखाई दी। इसके बाद तीसरे अंपायर ने मैदानी अंपायर के फैसले को बदलते हुए बल्लेबाज को आउट करार दिया।
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बिना स्टंप माइक की आवाज पर भरोसा किए लिया फैसला
आर्यन जुयाल के आउट होने के बाद वैभव सूर्यवंशी का रिएक्शन भी चर्चा में रहा। कमेंट्री के दौरान उनकी इस बात के लिए तारीफ हुई कि उन्होंने स्लिप में खड़े होकर गेंद और बल्ले के संपर्क को देखकर रिव्यू का फैसला लिया। विकेटकीपर कुमार कुशाग्र ने भी वैभव को DRS लेने के लिए पूरा भरोसा दिया था। जुयाल 46 रन बनाकर आउट हुए और उनके विकेट के बाद सेंट्रल जोन का स्कोर 99/4 हो गया।
पहली बार सीनियर स्तर पर संभाली कप्तानी
इस टूर्नामेंट के लिए वैभव सूर्यवंशी को ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया था। उस समय भी उनके चयन को लेकर चर्चा हुई थी, क्योंकि उनका फर्स्ट क्लास अनुभव अभी सीमित है। ईशान किशन के चोटिल होने के बाद वैभव को सीनियर स्तर पर पहली बार कप्तानी करने का मौका मिला। वह अब तक सिर्फ नौ फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं। ऐसे में दलीप ट्रॉफी जैसे बड़े मुकाबले में मैदान पर फैसले लेना उनके लिए महत्वपूर्ण अनुभव माना जा रहा है।
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बल्ले से नहीं चला था वैभव का बल्ला
इससे पहले दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ वैभव बल्ले से कुछ खास नहीं कर पाए थे और सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि, गेंदबाजी में उन्होंने प्रभाव छोड़ा और दो विकेट हासिल किए थे। उस मुकाबले में ईस्ट जोन ने पारी और 210 रन से जीत दर्ज की थी।
IPL और इंडिया-ए में भी दिखा चुके हैं दम
पिछले कुछ समय में वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट में तेजी से अपनी पहचान बनाई है। IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए उन्होंने 776 रन बनाए। इसके बाद इंडिया-ए की ट्राई-सीरीज के फाइनल में श्रीलंका-ए के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की तूफानी पारी खेली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती मुकाबलों में संघर्ष करने के बाद वैभव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दो अर्धशतक लगाकर वापसी की। अब दलीप ट्रॉफी में कप्तानी के दौरान लिया गया उनका पहला सफल DRS उनके क्रिकेटिंग माइंडसेट की एक और झलक माना जा रहा है।
