खुद को फिट रखने के साथ वजन तेजी से घटाना चाहते हैं तो जुम्बा डांस बेहतर विकल्प है। म्यूजिक के साथ थिरकते कदमों से वजन घटाने का यह तरीका कभी बोरिंग नहीं लगता है।
स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन जर्नल में पब्लिश एक रिसर्च कहती है, 40 मिनट तक जुम्बा करते हैं तो 369 कैलोरी बर्न कर सकते हैं। यह फायदा 40 मिनट में की जाने वाली किक बॉक्सिंग और पावर योग के बराबर है।
फिटनेस ट्रेनर कहते हैं, देश में जुम्बा का ट्रेंड बढ़ रहा क्योंकि फिटनेस का यह तरीका आपको फिट रखने के साथ खुश भी रखता है। जुम्बा क्या है, यह कैसे काम करता है और यह वर्कआउट कितनी तरह से आपके लिए फायदेमंद है, जानिए इन सवालों के जवाब….
सबसे पहले जानिए, क्या है जुम्बा
फिटनेस ट्रेनर विनोद सिंह कहते हैं, जुम्बा एक तरह की एरोबिक एक्सरसाइज है जो लेटिन डांस से प्रेरित है। जुम्बा के लिए तेज म्यूजिक के साथ डांस करते हुए एक्सरसाइज करते हैं। यह आपको एनर्जेटिक रखता है और चर्बी को घटाता है।
एक रिसर्च के मुताबिक, हफ्ते में 3 से 4 दिन जुम्बा करते हैं तो बॉडी फ्लेक्सिबल बनती हैं। ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और खुद को तरोताजा महसूस करते हैं।
कैसे और कितना करना चाहिए जुम्बा
फिटनेस ट्रेनर विनोद हैं, कहते हैं हफ्ते में कम से कम 3 दिन जुम्बा करना चाहिए। 300 से 400 कैलोरी बर्न करने का लक्ष्य रखें। देश के सभी बड़े शहरों के जिम में जुम्बा कराया जाता है। इसे जॉइन कर सकते हैं। इसके लिए कई इक्विपमेंट की जरूरत नहीं होती।
कैसा होना चाहिए खानपान
क्लीनिकल न्यूट्रीशनिस्ट सुरभि पारीक कहती हैं, जुम्बा करते हैं तो डाइट में अंडे, चिकन और फिश लें, ये प्रोटीन की कमी पूरी करेंगे। खाने में सब्जियां और फल शामिल करें। भूख लगने पर सेब और ड्राय फ्रूट्स ले सकते हैं। इसके अलावा नाश्ते में किनुआ, ब्राउन राइस और ओट्स खाना बेहतर विकल्प है।

दुनिया में कब और कैसे शुरू हुआ जुम्बा
दुनिया में इस फिटनेस प्रोग्राम को लाने का श्रेय कोरियाग्राफर और फिटनेस इंस्ट्रक्टर अल्बर्टो बीटो पेरेज को जाता है। इसकी शुरुआत 90 के दशक में हुई। जुम्बा की शुरुआत से जुड़ा एक किस्सा भी है। दरअसल, अल्बर्टो एक दिन एरोबिक क्लासेस लेने के लिए जा रहे थे, फिर उन्हें अहसास हुआ कि वो आज म्यूजिक सुनना भूल गए हैं। वापस जाकर म्यूजिक सुनना संभव नहीं था। इसलिए जब वो एरोबिक्स सिखाने के लिए क्लास में पहुंचे तो उन्होंने म्यूजिक के साथ एरोबिक वर्कआउट को मिक्स किया। उन्होंने देखा कि स्टूडेंट इस वर्कआउट को काफी एंजॉय कर रहे हैं।
आधिकारिक तौर पर अल्बर्टो ने 2001 में फिटनेस वर्कआउट को मियामी में सिखाना शुरू किया। यहीं इसका नाम जुम्बा रखा गया, हालांकि इस नाम के कोई खास मायने नहीं हैं। जुम्बा को फिटनेस और फन का कॉम्बिनेशन बताया गया और यह काफी चर्चित वर्कआउट बन गया।

