Naugai Triple Murder Case: नौगई तिहरा हत्याकांड की जांच में जुटी CBI, घटनास्थल पहुंची पांच सदस्यीय टीम

कोरिया जिले के चर्चित नौगई तिहरा हत्याकांड की जांच के लिए CBI की पांच सदस्यीय टीम घटनास्थल पहुंच गई है। टीम मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जानिए पूरा मामला।

Naugai Triple Murder Case: नौगई तिहरा हत्याकांड में CBI की एंट्री, घटनास्थल पहुंची पांच सदस्यीय जांच टीम

Highlights

  • कोरिया के चर्चित नौगई तिहरा हत्याकांड की जांच अब CBI के हाथों में।
  • पांच सदस्यीय टीम ने घटनास्थल पहुंचकर जांच शुरू की।
  • रेत उत्खनन विवाद को हत्या की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
  • मामले में अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

कोरिया। Naugai Triple Murder Case: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हुए चर्चित नौगई तिहरा हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुरू कर दी है। सोमवार को CBI की पांच सदस्यीय टीम कोरिया पहुंची और प्रारंभिक जांच की कार्रवाई शुरू की। टीम फिलहाल चरचा स्थित पंचवटी रेस्ट हाउस में ठहरी हुई है और मामले से जुड़े साक्ष्यों, दस्तावेजों तथा घटनास्थल का बारीकी से परीक्षण कर रही है।

घटनास्थल और दस्तावेजों की होगी विस्तृत जांच

सूत्रों के मुताबिक CBI की टीम स्थानीय पुलिस से अब तक की जांच से जुड़े रिकॉर्ड, केस डायरी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटा रही है। साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को दोबारा जोड़ा जा रहा है। टीम संबंधित अधिकारियों और आवश्यक गवाहों से भी पूछताछ कर सकती है।

क्या है नौगई तिहरा हत्याकांड?

यह सनसनीखेज वारदात 16-17 जून 2026 की दरमियानी रात को कोरिया जिले के ग्राम कटगोड़ी (सोनहत क्षेत्र) में हुई थी।

आरोप है कि भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह अपने दो साथियों के साथ फॉर्च्यूनर वाहन से पहुंचे थे। इसी दौरान पुराने विवाद को सुलझाने के बहाने बुलाए गए तीनों पर हमला किया गया। हमलावरों ने कथित रूप से उनकी गाड़ी को घेरकर उसमें पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

इस घटना में भरत सिंह गहरवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी वीरेंद्र सिंह उर्फ वीरू और नागेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

रेत उत्खनन विवाद बना हत्या की वजह

प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से रेत उत्खनन को लेकर विवाद चल रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार इसी रंजिश के चलते कथित तौर पर सुलह के बहाने तीनों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया गया।

हालांकि हत्या के पीछे की वास्तविक साजिश और अन्य संभावित पहलुओं की पुष्टि अब CBI जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

आरोपियों की गिरफ्तारी, अब CBI करेगी आगे की जांच

मामले में स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, पुलिस की जांच के दौरान कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने 30 जून 2026 को इस हत्याकांड की जांच CBI से कराने की सिफारिश की थी। इसके बाद अब केंद्रीय एजेंसी ने जांच अपने हाथ में ले ली है।

हर पहलू की होगी नए सिरे से पड़ताल

CBI टीम शुरुआती जांच, साक्ष्य संग्रह और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी। एजेंसी घटना के पीछे की पूरी साजिश, आरोपियों की भूमिका और उपलब्ध तकनीकी एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों का भी परीक्षण करेगी।

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