रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार को रायपुर और दुर्ग जिले के दौरे पर रहेंगे। दिनभर के कार्यक्रमों में राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव, गौ सेवा संगम और विभिन्न बैठकों में उनकी भागीदारी तय है। वहीं प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन होगा। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिलने पर प्रदेशभर में खुशी का माहौल है।
मुख्यमंत्री का आज का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह 11:30 बजे मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे दुर्ग जिले के जामगांव में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में भाग लेंगे। यहां वे नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत करेंगे। इसके बाद दोपहर 2:45 बजे रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम कार्यक्रम में शामिल होंगे।
जामगांव में होगा राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव
दुर्ग जिले के जामगांव में दोपहर 12 बजे से राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव तथा पाटन विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर नए विद्यार्थियों का स्वागत कर शिक्षा सत्र की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा
प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में आज विशेष ग्राम सभा आयोजित होगी। बैठक में ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-G RAM-G)’ के तहत पंचायतों की विकास आवश्यकताओं पर चर्चा की जाएगी और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी। यह मिशन 1 जुलाई से प्रदेश में लागू है। प्रत्येक ग्राम सभा की रिपोर्ट संबंधित जिला कार्यालय को भेजी जाएगी।
‘राम-नामी’ डॉक्यूमेंट्री को राष्ट्रीय सम्मान
छत्तीसगढ़ के रामनामी समुदाय की परंपरा, संस्कृति और रामभक्ति पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिला है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फिल्म के निर्देशक भरतबाला गणपति और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाला है।
