El Niño का बढ़ता असर: क्या अगस्त में कमजोर पड़ जाएगा मानसून? अगले 7–10 दिन क्यों हैं सबसे अहम

El Niño का बढ़ता असर: क्या अगस्त में कमजोर पड़ जाएगा मानसून? अगले 7–10 दिन क्यों हैं सबसे अहम

नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026। देशभर में मानसून के बीच मौसम वैज्ञानिकों ने El Niño (अल नीनो) को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 7 से 10 दिन भारतीय मानसून के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं। इसी दौरान यह तय होगा कि अगस्त महीने में बारिश सामान्य रहेगी या देश के कई हिस्सों में कमी देखने को मिलेगी।

मानसून ट्रफ बदला, मौसम का मिजाज भी बदलेगा

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) उत्तर भारत से खिसककर अब मध्य भारत के ऊपर सक्रिय है। इसके कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में नमी वाली पूर्वी हवाओं का प्रभाव बढ़ गया है। इससे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तरी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर मध्यम बारिश होने की संभावना है।

हालांकि, यह बारिश व्यापक नहीं होगी। अनुमान है कि केवल 30 से 50 प्रतिशत क्षेत्रों में ही वर्षा दर्ज होगी, जबकि अत्यधिक भारी बारिश की संभावना फिलहाल कम बताई गई है।

इन राज्यों में अगले 24–72 घंटे भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। इन राज्यों में अगले 24 घंटों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

इसके बाद बारिश का मुख्य क्षेत्र मध्य प्रदेश, गुजरात और दक्षिणी राजस्थान की ओर बढ़ सकता है। गुरुवार से रविवार के बीच इन इलाकों में कहीं-कहीं भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की आशंका है, जिससे जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

दक्षिण भारत में कमजोर पड़ सकता है मानसून

दूसरी ओर केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि El Niño के प्रभाव के कारण दक्षिण भारत में सामान्य से कम बारिश हो सकती है, जिससे कृषि और जल संसाधनों पर असर पड़ने की आशंका है।

क्यों अहम हैं अगले 7–10 दिन?

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले एक सप्ताह तक मानसून ट्रफ कमजोर रहता है और El Niño का प्रभाव बढ़ता है, तो अगस्त महीने में देश के बड़े हिस्से में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। इससे खरीफ फसलों, जलाशयों के जलस्तर और पेयजल उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है।

क्या है El Niño?

El Niño प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह के तापमान के असामान्य रूप से बढ़ने की मौसमीय घटना है। इसका प्रभाव दुनिया के कई देशों के मौसम पर पड़ता है। भारत में यह अक्सर मानसून को कमजोर करता है और कई बार सामान्य से कम बारिश का कारण बनता है।

प्रमुख बातें
अगले 7–10 दिन मानसून के लिए निर्णायक।
उत्तर भारत में छिटपुट से मध्यम बारिश की संभावना।
छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और महाराष्ट्र में फिलहाल भारी बारिश जारी रहने के आसार।
मध्य प्रदेश, गुजरात और दक्षिणी राजस्थान में अगले कुछ दिनों में तेज बारिश का अनुमान।
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में कमजोर मानसून और कम बारिश की आशंका।
मौसम वैज्ञानिकों की नजर अब El Niño की तीव्रता और मानसून ट्रफ की स्थिति पर बनी हुई है।

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