रायपुर में बीजेपी का कांग्रेस कार्यालय घेराव, वाटर कैनन का इस्तेमाल; दोनों दलों के बीच तीखी नारेबाजी

रायपुर में बीजेपी का कांग्रेस कार्यालय घेराव, वाटर कैनन का इस्तेमाल; दोनों दलों के बीच तीखी नारेबाजी

रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय (पीसीसी) का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और कांग्रेस समर्थकों के बीच तीखी नारेबाजी हुई, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग के पास रोकते हुए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़े भाजपा कार्यकर्ता

भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में रैली निकालते हुए कांग्रेस प्रदेश कार्यालय की ओर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यालय तक पहुंचने की कोशिश की। पुलिस ने पहले से लगाए गए बैरिकेड्स के जरिए उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने पर अड़े रहे।

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया गया। इस दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी बना रहा।

भाजपा का आरोप- कांग्रेस फैला रही है अराजकता

प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने और देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता और युवाओं के मुद्दों का समाधान करने के बजाय उन्हें राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस की नीतियों और उसके विरोध प्रदर्शन का विरोध दर्ज कराने पहुंची थी।

ओपी चौधरी ने साधा कांग्रेस पर निशाना

राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार नीट पेपर लीक जैसे मामलों में लगातार कार्रवाई कर रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है और तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाकर माहौल खराब कर रही है।

कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

भाजपा के इस प्रदर्शन में प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, धरसीवां विधायक अनुज शर्मा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

इसके अलावा भाजपा युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में मौजूद रहे।

कांग्रेस कार्यालय के बाहर बढ़ा तनाव

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग कर दिया।

पुलिस अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया।

सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

संभावित विवाद को देखते हुए कांग्रेस प्रदेश कार्यालय और आसपास के इलाके में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई थी। क्षेत्र में व्यापक बैरिकेडिंग की गई थी और करीब 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित सीमा से आगे बढ़ने से रोकने के लिए वाटर कैनन का भी उपयोग किया। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई।

दिल्ली की घटना के विरोध में आयोजित हुआ प्रदर्शन

भाजपा नेताओं के अनुसार यह प्रदर्शन दिल्ली में कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के विरोध में आयोजित किया गया था।

पार्टी का कहना है कि कांग्रेस लगातार लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। इसी के विरोध में भाजपा ने प्रदेशभर में आंदोलन का निर्णय लिया है।

वहीं कांग्रेस की ओर से छात्रों से जुड़े मुद्दों और हालिया घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। दोनों दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच राजधानी रायपुर में राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है।

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