चीन में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जून में करीब 79 हजार नए मामले सामने आए हैं। इस बीच ओमिक्रॉन का NB.1.8.1 वैरिएंट तेजी से फैल रहा है, जिससे स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, मौजूदा स्थिति को 2020 जैसी गंभीर नहीं माना जा रहा है और ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं।
चीन में कोरोना की स्थिति क्या है?
चीन में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच NB.1.8.1 वैरिएंट सबसे ज्यादा फैलने वाला वैरिएंट बताया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जून में करीब 79 हजार नए कोरोना केस दर्ज किए गए। इनमें लगभग 130 मरीज गंभीर स्थिति में पाए गए, जबकि एक व्यक्ति की मौत हुई।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, संक्रमण का प्रसार जरूर तेज हुआ है, लेकिन इस बार ज्यादातर मामलों में बीमारी के लक्षण हल्के हैं। यही वजह है कि फिलहाल स्थिति को कोरोना महामारी के शुरुआती दौर जैसी गंभीर नहीं माना जा रहा है।
NB.1.8.1 वैरिएंट को लेकर क्या सामने आया?
चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (China CDC) के अनुसार, देश में इस समय ओमिक्रॉन का NB.1.8.1 वैरिएंट प्रमुखता से फैल रहा है।
13 से 19 जुलाई के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना टेस्ट की पॉजिटिविटी दर बढ़कर 16.3 प्रतिशत हो गई है। इससे पहले यह दर करीब 12 प्रतिशत थी। पॉजिटिविटी रेट में बढ़ोतरी से संक्रमण के बढ़ते प्रसार का संकेत मिल रहा है।
मरीजों में दिख रहे हैं ये लक्षण
चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान संक्रमण में ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से:
- बुखार
- गले में दर्द
- सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण
शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ज्यादातर मरीज करीब 5 से 7 दिनों में ठीक हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों के दौरान लोग एयर कंडीशनर वाले बंद कमरों में अधिक समय बिताते हैं। इसके अलावा छुट्टियों के दौरान यात्रा बढ़ने से भी संक्रमण के प्रसार को बढ़ावा मिल सकता है।
पिछले साल के मुकाबले अभी स्थिति कैसी है?
चीन के डॉक्टरों के मुताबिक, मई 2025 में कोरोना की पॉजिटिविटी दर 20 प्रतिशत से ज्यादा पहुंच गई थी। मौजूदा समय में यह स्तर उससे कम है। इसलिए इस बार संक्रमण बढ़ने के बावजूद स्थिति को फिलहाल उतना गंभीर नहीं माना जा रहा है।हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
क्या भारत में भी बढ़ सकता है खतरा?
चीन में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच भारत पर भी नजर बनी हुई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर फिलहाल भारत में घबराने जैसी स्थिति नहीं बताई गई है।अभी तक ऐसा कोई संकेत सामने नहीं आया है कि चीन में फैल रहा NB.1.8.1 वैरिएंट पहले की तरह गंभीर बीमारी का कारण बन रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, समय के साथ वैक्सीन और पुराने संक्रमण से बनी प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है। ऐसे में समय-समय पर कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।फिलहाल लोगों को घबराने के बजाय सामान्य सावधानी बरतने और संक्रमण से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।
