घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार (7 अगस्त) को कमजोर शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 450 अंक टूटकर 78,500 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी लगभग 80 अंक फिसलकर 24,550 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में बिकवाली का सबसे अधिक असर बैंकिंग शेयरों पर देखने को मिला, जबकि आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी बनी रही।विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और निवेशकों की सतर्क रणनीति के कारण घरेलू बाजार पर दबाव बना हुआ है। निवेशक फिलहाल अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कॉरपोरेट नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।
बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
आज के कारोबार में बैंकिंग सेक्टर सबसे कमजोर रहा। कई प्रमुख बैंकिंग शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए, जिससे बैंक निफ्टी पर भी दबाव बना। दूसरी ओर, आईटी सेक्टर के चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक संतुलित किया।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला असर
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का माहौल देखने को मिला। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग मामूली बढ़त में बना हुआ है। वैश्विक बाजारों की यह चाल भारतीय बाजार की धारणा पर भी असर डाल रही है।
अमेरिकी बाजार भी रहे दबाव में
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। डाउ जोंस, नैस्डैक और S&P 500 तीनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए, जिसका असर आज एशियाई और भारतीय बाजारों में भी देखने को मिल रहा है।
FII और DII की गतिविधियां बनीं अहम
हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले सात कारोबारी दिनों में करीब 2,408 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं, लेकिन शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में उनकी गतिविधियां सीमित रहीं। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार बाजार को सहारा देने का प्रयास कर रहे हैं।
निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत, विदेशी निवेश, बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल सतर्कता के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
