बिलासपुर। सिम्स (SIMS) के इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को छठे दिन भी जारी रही। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों ने अब विरोध का तरीका बदलते हुए अस्पताल परिसर में नुक्कड़ नाटक के जरिए अपनी समस्याएं सामने रखीं।
इंटर्न डॉक्टरों की मुख्य मांग वर्तमान ₹15,900 मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹30 हजार करने की है। डॉक्टरों का कहना है कि दूसरे राज्यों की तुलना में उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड कम है और लंबे समय से इसमें बढ़ोतरी की मांग की जा रही है।
नुक्कड़ नाटक के जरिए बताया इंटर्नशिप का दर्द
हड़ताल के छठे दिन इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदर्शन के लिए नुक्कड़ नाटक का सहारा लिया। नाटक के जरिए उन्होंने इंटर्नशिप के दौरान आने वाली परिस्थितियों और काम के दबाव को सामने रखा। डॉक्टरों ने बताया कि इंटर्नशिप के दौरान उनकी जिम्मेदारियां काफी महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में मौजूदा स्टाइपेंड को बढ़ाना जरूरी है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर मौजूद रहे।

₹15,900 से ₹30 हजार करने की मांग
इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा स्टाइपेंड है। वर्तमान में उन्हें हर महीने ₹15,900 मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह करने की मांग की जा रही है।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का कहना है कि अन्य राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को मिलने वाले स्टाइपेंड की तुलना में उन्हें कम राशि मिलती है। इसी आधार पर वे लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
कलेक्टर के माध्यम से सौंपा ज्ञापन
नुक्कड़ नाटक के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर के माध्यम से संबंधित मंत्रियों के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्टाइपेंड बढ़ाने सहित उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की गई। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार अपनी बात शासन तक पहुंचाने के बावजूद अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। इसी वजह से उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
मांग पूरी नहीं हुई तो रायपुर में प्रदर्शन
इंटर्न डॉक्टरों ने आंदोलन को अगले चरण में राजधानी रायपुर तक ले जाने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि जल्द उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे बिलासपुर से रायपुर कूच करेंगे और राजधानी में प्रदर्शन करेंगे।
छह दिनों से जारी हड़ताल के बीच अब इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन अस्पताल परिसर से बाहर निकलकर राजधानी तक पहुंचने की तैयारी में है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
