छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र में करीब तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म और मारपीट के मामले में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (POCSO) ने सख्त फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश गंगा पटेल की अदालत ने आरोपी वेदप्रकाश ध्रुव उर्फ पप्पू को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर कुल 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
25 जून 2025 को हुई थी घटना
विशेष लोक अभियोजक हरि नारायण त्रिवेदी के मुताबिक, घटना 25 जून 2025 की है। करीब तीन वर्ष चार माह की बच्ची आंगनबाड़ी में पढ़ती थी। घटना के दिन दोपहर में वह घर के सामने अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी।
आरोप के मुताबिक, इसी दौरान आरोपी बच्ची को अपने साथ घर ले गया। जानकारी मिलने पर परिजन उसके घर पहुंचे। आरोप है कि आरोपी ने पूजा कमरे का दरवाजा बंद कर बच्ची के साथ मारपीट की और उसके साथ दुष्कर्म किया।
11 गवाहों के बयान हुए
घटना की शिकायत के बाद छुरा थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाहों के बयान कराए गए। पीड़िता और गवाहों के कथनों के अलावा घटनास्थल से मिले साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई।
