अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार बाहर होने के बाद व्हाइट हाउस में हलचल बढ़ गई है। नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले प्रशासन के कई अन्य कर्मचारी भी अपने भविष्य को लेकर विकल्प तलाश रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ अधिकारियों को आशंका है कि चुनाव के बाद कांग्रेस में सत्ता का संतुलन बदल सकता है और प्रशासन को जांच तथा राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
कई वरिष्ठ अधिकारी छोड़ चुके हैं पद
हाल के दिनों में ट्रंप प्रशासन के कई प्रमुख अधिकारियों के जाने की खबर सामने आई है। व्हाइट हाउस प्रेस सचिव करोलिन लेविट ने इस महीने की शुरुआत में इस्तीफे की घोषणा की थी। इसके बाद विधायी मामलों के निदेशक जेम्स ब्रैड, व्हाइट हाउस काउंसल डेव वॉरिंगटन और अमेरिकी पर्डन अटॉर्नी एड मार्टिन ने भी पद छोड़ने की बात कही।
अब प्रशासन के भीतर और लोगों के जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ कर्मचारी मिडटर्म चुनाव के बाद बनने वाली राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए अभी से अपने अगले कदम पर विचार कर रहे हैं।

कांग्रेस में बदलाव की आशंका से बढ़ी चिंता
ट्रंप के प्रशासन से जुड़े एक पूर्व अधिकारी ने दावा किया कि कुछ लोग मान रहे हैं कि रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा में बहुमत खो सकती है और सीनेट में भी स्थिति बदल सकती है। ऐसी स्थिति में ट्रंप प्रशासन के लिए विधायी एजेंडा आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है। साथ ही कांग्रेस की ओर से प्रशासन के कामकाज की जांच और संभावित समन बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
कुछ अधिकारियों के लिए यह चिंता भी महत्वपूर्ण है कि प्रशासन छोड़ने के बाद निजी क्षेत्र में उनके करियर और कारोबारी संभावनाओं पर मौजूदा राजनीतिक विवादों का कितना असर पड़ेगा।
ट्रंप के प्रवक्ता ने किया बचाव
इन अटकलों के बीच व्हाइट हाउस ने प्रशासन में हो रहे बदलावों को लेकर किसी तरह की कमजोरी के संकेत से इनकार किया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने प्रशासन में ऐसे लोगों को शामिल किया है जो उनके एजेंडे को लागू करने के लिए समर्पित हैं। उनका कहना है कि किसी एक कर्मचारी के जाने से राष्ट्रपति के राजनीतिक अभियान और प्रशासन के कामकाज पर असर नहीं पड़ेगा।
पहले भी कई बड़े अधिकारी जा चुके हैं
ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल में शुरुआत में प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षाकृत कम बदलाव देखने को मिले थे। हालांकि, बाद में कई वरिष्ठ अधिकारियों के जाने का सिलसिला शुरू हुआ। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वॉल्ट्ज को ‘सिग्नलगेट’ विवाद के बाद पद से हटाया गया था। इसके बाद होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम, अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के पद छोड़ने या हटाए जाने की घटनाएं सामने आईं।
अब मिडटर्म चुनाव नजदीक आने के साथ ट्रंप प्रशासन में संभावित नए बदलावों पर नजर बनी हुई है। अगर कांग्रेस में सत्ता का समीकरण बदलता है, तो आने वाले महीनों में व्हाइट हाउस को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों मोर्चों पर नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
