कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले बस्तर की नई तस्वीर अब खेल प्रतिभाओं के जरिए सामने आ रही है। जांजगीर-चांपा जिले में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में बस्तर संभाग के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया।
पांच दिवसीय प्रतियोगिता में प्रदेश के पांच संभागों से करीब 280 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में हैंडबॉल और मलखंभ के मुकाबले आयोजित किए गए, जिसमें बस्तर के खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला।
हैंडबॉल और मलखंभ में बस्तर का शानदार प्रदर्शन
बस्तर संभाग के खिलाड़ियों ने अलग-अलग आयु वर्गों में हिस्सा लेकर शानदार प्रदर्शन किया। 14, 17 और 19 वर्ष आयु वर्ग में खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और कई मुकाबलों में सफलता हासिल की।
अबूझमाड़ के बच्चों ने भी मलखंभ में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। अबूझमाड़ मलखंभ एकेडमी के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं और इंडिया गॉट टैलेंट जैसे मंच पर भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं।
खिलाड़ियों को बेहतर संसाधनों की उम्मीद
प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने बेहतर सुविधाओं और संसाधनों की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि यदि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल सामग्री और बेहतर सुविधाएं मिलें तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकते हैं।
बस्तर की युवा खिलाड़ी तेजस्विनी पोटाई ने भी खेल के प्रति अपना उत्साह व्यक्त करते हुए बड़ी खिलाड़ी बनने की इच्छा जताई।
विजेता खिलाड़ियों और टीमों को किया गया सम्मानित
प्रतियोगिता के समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों को उनके प्रदर्शन के लिए बधाई दी।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया ने बस्तर के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उचित संसाधन मिलने पर ये खिलाड़ी भविष्य में और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व की तैयारी
प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद चयन समिति उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की अलग टीम तैयार करने में जुट गई है। चयनित खिलाड़ियों की टीम आगे छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में कर सकती है।
इस उपलब्धि से यह संदेश भी सामने आया है कि बस्तर के बच्चे अब खेल और प्रतिभा के दम पर अपनी नई पहचान बना रहे हैं। उचित प्रशिक्षण और संसाधनों के साथ आने वाले समय में यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकते हैं।
