घरेलू शेयर बाजार ने सोमवार को कमजोर शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में रहे। बाजार की चाल पर एक ओर IPO बाजार में बढ़ी हलचल का असर दिखा, वहीं दूसरी ओर मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्स 69.38 अंक यानी 0.09% गिरकर 76,446.05 के स्तर पर आ गया। वहीं NSE निफ्टी 50 इंडेक्स 14.55 अंक यानी 0.06% की गिरावट के साथ 23,883.15 पर खुला। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों और बेहतर कॉरपोरेट नतीजों के बावजूद पिछले चार सप्ताह से बाजार में कमजोरी का रुख बना हुआ है।
IT और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
शुरुआती कारोबार में सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मीडिया इंडेक्स 1.26% और निफ्टी IT इंडेक्स 1.15% तक नीचे रहे। ये दोनों सेक्टर शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव में दिखाई दिए। इसके अलावा ऑटो, केमिकल्स, प्राइवेट बैंक, FMCG और सीमेंट इंडेक्स भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती के बीच निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 0.06% की मामूली बढ़त दर्ज की गई। मेटल, PSU बैंक और रियल्टी इंडेक्स में भी 0.38% तक की तेजी देखने को मिली।
IPO बाजार की हलचल से सेकेंडरी मार्केट पर दबाव
बाजार में कमजोरी की एक प्रमुख वजह IPO बाजार में बढ़ी गतिविधि को माना जा रहा है। इस सप्ताह करीब 11 मेनबोर्ड IPO बाजार में आने की बात कही गई है। विश्लेषकों के अनुसार, इस महीने कई बड़े IPO आने से बाजार में उपलब्ध नकदी का एक हिस्सा प्राथमिक बाजार की ओर जा सकता है। इससे सेकेंडरी मार्केट में लिक्विडिटी पर दबाव पड़ने की आशंका है।
मिडिल ईस्ट तनाव से क्रूड ऑयल की चिंता
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें भारत के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में तेल की कीमतों में तेजी का असर महंगाई और बाजार की धारणा पर पड़ सकता है।
निफ्टी के लिए 23,800 का स्तर अहम
तकनीकी स्तरों पर बाजार विशेषज्ञ 23,800 को निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट मान रहे हैं। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिकता है तो 23,570 और उसके बाद 23,000 के आसपास के स्तरों की ओर कमजोरी बढ़ सकती है। वहीं तेजी की वापसी के लिए निफ्टी को 24,150 से 24,215 के प्रतिरोध क्षेत्र के ऊपर मजबूती से निकलना जरूरी माना जा रहा है।
