दुर्ग जिले में गोल्ड ETF में निवेश के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। सुपेला पुलिस ने इस मामले में HDFC बैंक के एक रिलेशनशिप मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह बैंक में अपने पद का फायदा उठाकर बड़ी रकम वाले खाताधारकों की जानकारी हासिल करता और उन्हें निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत लाभ दिलाने का लालच देता था।
पुलिस के मुताबिक, निवेशकों से चेक के जरिए रकम लेकर उसे मुख्य आरोपी योगेश साहू के बैंक खाते में जमा कराया जाता था। शुरुआत में निवेशकों को लाभांश की रकम भेजी जाती थी, जिससे योजना पर उनका भरोसा बना रहे।
बड़े खाताधारकों को बनाते थे निशाना
पुलिस के अनुसार आरोपी राजकुमार तिवारी HDFC बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि उसने बैंकिंग संबंधों का फायदा उठाकर बड़ी रकम वाले खाताधारकों की जानकारी हासिल की।
इसके बाद निवेशकों से संपर्क कर उन्हें गोल्ड ETF में निवेश करने पर हर महीने 10 प्रतिशत लाभांश मिलने की बात कही जाती थी। कथित तौर पर निवेश योजना को भरोसेमंद दिखाने के लिए अन्य ग्राहकों के बैंक खातों के स्टेटमेंट भी दिखाए जाते थे।
15 लाख रुपये निवेश करने के बाद बंद हुआ लाभांश
मामले की शिकायत सेक्टर-07, भिलाई निवासी राजू नामदेव ने सुपेला थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, पहले से गिरफ्तार मुख्य आरोपी योगेश साहू और अन्य लोगों ने उन्हें निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत लाभ मिलने का भरोसा दिलाया। आरोपियों ने उनसे बैंक खाते और मोबाइल से संबंधित जानकारी भी हासिल की।
इन बातों पर भरोसा करते हुए राजू नामदेव ने 21 मार्च 2025 को 15 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में उन्हें लाभांश की रकम मिलती रही। इससे निवेश योजना को लेकर उनका भरोसा बना रहा, लेकिन कुछ समय बाद लाभांश मिलना बंद हो गया। रकम वापस मांगने पर आरोपी लगातार भुगतान करने का आश्वासन देते रहे। बाद में शिकायतकर्ता को जानकारी मिली कि अन्य निवेशकों से भी इसी तरीके से बड़ी रकम ली गई है।
अन्य निवेशकों के बयान से खुली भूमिका
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मोहम्मद रफी, साधना मिश्रा, शिबा शेख समेत अन्य निवेशकों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित बैंक खातों की भी जांच की।
जांच के दौरान राजकुमार तिवारी की कथित भूमिका सामने आने के बाद सुपेला पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राजकुमार तिवारी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। अब पुलिस इस कथित निवेश योजना से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की भी जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस मामले में कितने निवेशक प्रभावित हुए और रकम के लेन-देन में कौन-कौन लोग शामिल थे।
