BRICS शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों का BRICS पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस मंच पर इन देशों की आवाज सुनी जाती है, उनके अनुभवों का सम्मान होता है और उनके साथ मिलकर समाधान तैयार किए जाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि BRICS में ग्लोबल साउथ के देशों को अपनी बात रखने का अवसर मिलता है, जिससे इस समूह के प्रति उनका विश्वास मजबूत हुआ है।
बढ़ते वैश्विक तनाव का आम लोगों पर असर
प्रधानमंत्री ने दुनिया में बढ़ रहे तनाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव सीधे आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटों का उदाहरण देते हुए कहा कि आज दुनिया के देश एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। ऐसे में किसी एक हिस्से में आने वाला संकट दूसरे देशों को भी प्रभावित कर सकता है।
संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए नई पहल
पीएम मोदी ने बताया कि इसी सोच के तहत संक्रामक बीमारियों के फैलाव को रोकने और उनसे निपटने के लिए ‘BRICS Integrated Early Warning System’ बनाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा आपदाओं से निपटने के लिए Early Warning Data Integration Guidelines तैयार किए जाने की भी जानकारी दी गई।
ग्रुप फोटो में साथ दिखे मोदी, जिनपिंग और पुतिन
BRICS Summit के दूसरे दिन भारत मंडपम में सदस्य देशों के नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दूसरी ओर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नजर आए। सम्मेलन में वैश्विक चुनौतियों, सहयोग और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा जारी है।
