मझने की दिशा में NASA ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। Nancy Grace Roman Space Telescope के मुख्य वैज्ञानिक उपकरण Wide Field Instrument (WFI) को पहली बार अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक एक्टिव किया गया है। यह 300 मेगापिक्सल का इंफ्रारेड कैमरा है, जो बहुत बड़े हिस्से के ब्रह्मांड का तेज और विस्तृत सर्वे करने में सक्षम होगा।
NASA के अनुसार, WFI का एक्टिवेशन 15 सितंबर 2026 को हुआ। इसके साथ Roman Telescope ने अपनी वैज्ञानिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश किया है। फिलहाल वैज्ञानिक और इंजीनियर इसके उपकरणों की कैलिब्रेशन और टेस्टिंग कर रहे हैं। मिशन की पहली वैज्ञानिक तस्वीरें 2027 की शुरुआत में जारी होने की उम्मीद है।
300 मेगापिक्सल कैमरे में क्या है खास?
Roman Telescope का Wide Field Instrument 18 इंफ्रारेड डिटेक्टरों से मिलकर बना है। NASA के मुताबिक, ये डिटेक्टर मिलकर करीब लैपटॉप स्क्रीन के आकार का सेंसिंग एरिया बनाते हैं।
इस कैमरे की खासियत सिर्फ इसका 300 मेगापिक्सल रिजॉल्यूशन नहीं है। WFI का फील्ड ऑफ व्यू Hubble Space Telescope की तुलना में कम से कम 100 गुना बड़ा होगा, जबकि इमेज की शार्पनेस Hubble जैसी होगी। इससे वैज्ञानिक कम समय में आसमान के बहुत बड़े हिस्से का सर्वे कर सकेंगे।
पहली टेस्ट इमेज में दिखे हजारों तारे
WFI के एक्टिव होने के बाद इसने तारों की शुरुआती टेस्ट इमेज भी कैप्चर की। यह तस्वीर अभी पूरी तरह फोकस की हुई वैज्ञानिक तस्वीर नहीं है। NASA के मुताबिक, इस शुरुआती इमेज का इस्तेमाल उपकरणों को अलाइन करने और फोकस को बेहतर करने के लिए किया जा रहा है।
आगे चलकर जब टेलीस्कोप की ऑप्टिक्स और फोकस पूरी तरह कैलिब्रेट हो जाएंगे, तो इससे कहीं ज्यादा स्पष्ट तस्वीरें मिलने की उम्मीद है।
डार्क मैटर और डार्क एनर्जी की होगी जांच
Roman Telescope के प्रमुख वैज्ञानिक उद्देश्यों में डार्क मैटर और डार्क एनर्जी को समझना शामिल है। वैज्ञानिक इसके जरिए ब्रह्मांड के विस्तार और उसमें पदार्थ के वितरण से जुड़े सवालों का अध्ययन करेंगे।
टेलीस्कोप दूर की आकाशगंगाओं और ब्रह्मांड के इतिहास का भी अध्ययन करेगा। इससे वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश करेंगे कि ब्रह्मांड समय के साथ कैसे विकसित हुआ।
दूसरे ग्रहों की खोज में भी मदद करेगा
Roman Telescope का एक अन्य महत्वपूर्ण लक्ष्य हमारे सौरमंडल के बाहर मौजूद एक्सोप्लैनेट्स का अध्ययन करना है। इसके जरिए वैज्ञानिक दूसरे तारों की परिक्रमा करने वाले ग्रहों के बारे में जानकारी जुटा सकेंगे।
इसके अलावा Roman में Coronagraph Instrument भी है। यह आसपास के चमकीले तारों की रोशनी को रोककर उनके आसपास मौजूद अपेक्षाकृत कमजोर रोशनी वाले ग्रहों की सीधे तस्वीर लेने की तकनीक को प्रदर्शित करेगा। NASA के अनुसार, यह भविष्य के उन मिशनों के लिए महत्वपूर्ण तकनीक विकसित करने में मदद कर सकता है जो पृथ्वी जैसे ग्रहों पर जीवन के संकेत तलाशेंगे।
Hubble से 1000 गुना तेज सर्वे
Roman Telescope को बड़े हिस्से के आकाश का सर्वे करने के लिए तैयार किया गया है। NASA के अनुसार, इसकी सर्वे क्षमता Hubble की तुलना में करीब 1,000 गुना तेज हो सकती है।
मिशन हर दिन करीब 1.4 टेराबाइट डेटा भेजने के लिए डिजाइन किया गया है। वैज्ञानिक इस विशाल डेटा में नई आकाशगंगाओं, तारों, ग्रहों और अन्य खगोलीय घटनाओं के संकेत तलाशेंगे।
अभी शुरू हुआ है असली वैज्ञानिक सफर
Nancy Grace Roman Space Telescope को अगस्त 2026 में लॉन्च किया गया था और यह पृथ्वी से करीब 10 लाख मील दूर स्थित L2 क्षेत्र की ओर अपनी यात्रा कर रहा है। वहां पहुंचने के बाद इसका वैज्ञानिक सर्वे और व्यापक रूप से शुरू होगा।
फिलहाल NASA की टीम इसके उपकरणों की जांच और कैलिब्रेशन कर रही है। WFI का सफल एक्टिवेशन इस मिशन के लिए एक अहम उपलब्धि है, लेकिन वैज्ञानिक इस्तेमाल के लिए टेलीस्कोप को अभी कई परीक्षणों से गुजरना है।
