Headlines

आज का पंचांग 21 सितंबर 2026 दशमी तिथि और एकादशी व्रत का महत्व

Aaj Ka Panchang 21 September 2026: आज 21 सितंबर 2026, सोमवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। पंचांग के अनुसार दशमी तिथि रात 8 बजे तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र पूरे दिन और रात रहेगा। आज शोभन योग शाम 4:06 बजे तक है, इसके बाद अतिगण्ड योग प्रारंभ होगा।

आज का पंचांग

  • दिन: सोमवार
  • तारीख: 21 सितंबर 2026
  • विक्रम संवत: 2083 (गुजरात अनुसार 2082)
  • शक संवत: 1948
  • अयन: दक्षिणायन
  • ऋतु: शरद ऋतु
  • मास: भाद्रपद
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • तिथि: दशमी, रात 8:00 बजे तक; इसके बाद एकादशी
  • नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
  • योग: शोभन शाम 4:06 बजे तक, फिर अतिगण्ड
  • राहुकाल: सुबह 7:58 से 9:29 बजे तक
  • सूर्योदय: सुबह 6:28 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 6:35 बजे
  • दिशाशूल: पूर्व दिशा

22 सितंबर को रखा जाएगा एकादशी व्रत

पंचांग के अनुसार 21 सितंबर को रात 8 बजे से एकादशी तिथि शुरू होगी, जो 22 सितंबर की रात 9:43 बजे तक रहेगी। दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार 22 सितंबर 2026, मंगलवार को एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

धार्मिक मान्यताओं में एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की उपासना और आध्यात्मिक साधना से जोड़ा गया है। सनातन पंचांग में इस व्रत से जुड़े कई धार्मिक लाभ बताए गए हैं, जिनमें सुख-शांति, श्रद्धा-भक्ति और परिवार की समृद्धि जैसी मान्यताएं शामिल हैं।

एकादशी पर क्या करने की मान्यता है?

पंचांग में एकादशी के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने की सलाह दी गई है। यदि विष्णु सहस्रनाम का पाठ संभव न हो तो गुरु मंत्र का जाप करने का उल्लेख है। साथ ही, घर में शांति के संकल्प के साथ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने की धार्मिक मान्यता बताई गई है।

एकादशी पर चावल से जुड़ी धार्मिक मान्यता

पंचांग में एकादशी के दिन चावल का सेवन न करने की धार्मिक मान्यता का भी उल्लेख किया गया है। इसमें वृद्ध, बच्चे और बीमार लोगों के लिए व्रत न रख पाने की स्थिति में भी चावल का त्याग करने की बात कही गई है।

यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सनातन पंचांग में दिए गए उल्लेखों पर आधारित है।

चतुर्मास में इन चीजों का उल्लेख

चतुर्मास के दौरान तांबे और कांसे के पात्रों के बजाय अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करने की धार्मिक सलाह दी गई है। साथ ही पलाश के पत्तों से बनी पत्तल पर भोजन करने को पापनाशक बताया गया है। ये बातें पंचांग में धार्मिक ग्रंथों के संदर्भ के साथ दी गई हैं।

स्रोत: सनातन पंचांग, संपादक अंजनी बहन निलेश ठक्कर, सूरत (गुजरात)।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *