आज का पंचाग। बुधवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। पंचांग के अनुसार सप्तमी शाम 7:19 बजे तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है।
19 अगस्त 2026 का पंचांग
दिन: बुधवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: वर्षा
मास: श्रावण
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: सप्तमी शाम 7:19 बजे तक, इसके बाद अष्टमी
नक्षत्र: स्वाती सुबह 6:46 बजे तक, इसके बाद विशाखा
योग: ब्रह्म, 20 अगस्त रात 3:44 बजे तक; इसके बाद इन्द्र
राहुकाल: दोपहर 12:42 बजे से 2:18 बजे तक
सूर्योदय: सुबह 6:19 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:04 बजे
दिशाशूल: उत्तर दिशासावन में भगवान शिव को क्या चढ़ाएं
धार्मिक मान्यताओं और शिवपुराण से जुड़े उल्लेखों के अनुसार सावन में भगवान शिव को अलग-अलग सामग्री अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि शिवलिंग पर चावल चढ़ाने से धन-समृद्धि, तिल अर्पित करने से पापों का नाश और जौ चढ़ाने से सुख में वृद्धि होती है। गेहूं अर्पित करने को संतान वृद्धि से भी जोड़ा गया है।
शिवलिंग पर इन द्रव्यों से करें अभिषेक
सावन में शिवलिंग पर जल, दूध, गन्ने का रस, गंगाजल, शहद और घी से अभिषेक करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में इन अलग-अलग द्रव्यों को विभिन्न फल प्राप्ति से जोड़ा गया है।
किसी बीमारी के इलाज के लिए केवल धार्मिक उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
भगवान शिव को कौन-से फूल चढ़ाये
चमेली: वाहन सुख की कामना के लिए
अलसी के फूल: भगवान विष्णु की कृपा के लिए
शमी पत्र: मोक्ष की कामना के लिए
बेला: वैवाहिक सुख की कामना के लिए
जूही: घर में अन्न-समृद्धि के लिए
कनेर: नए वस्त्र की प्राप्ति की मान्यता
हरसिंगार: सुख-समृद्धि के लिए
धतूरे का फूल: योग्य संतान की कामना के लिए
सावन में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान शिव का जलाभिषेक कर बिल्वपत्र, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं।
