बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडीलोहारा वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने लकड़ी से जुड़ी गतिविधियों को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। खरखरा जलाशय के किनारे ग्राम घोरदा स्थित बैना रिसॉर्ट में विभाग की टीम ने दबिश देकर बड़ी मात्रा में बीजा समेत मिश्रित प्रजातियों का चिरान, दरवाजे, चौखट, बेड, पल्ले और अन्य लकड़ी से बने सामान बरामद किए हैं।
वन विभाग के अनुसार, रिसॉर्ट परिसर में लकड़ी से फर्नीचर तैयार करने के लिए वर्कशॉप संचालित की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान लकड़ी से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। हालांकि, लकड़ी की कुल मात्रा और उसके स्रोत की स्थिति विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
सूचना मिलने पर वन विभाग ने दी दबिश
वन विभाग को रिसॉर्ट परिसर में लंबे समय से लकड़ी के उपयोग और उससे जुड़ी गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। बुधवार को टीम ने अचानक परिसर में पहुंचकर जांच की।
अधिकारियों के मुताबिक, रिसॉर्ट संचालक द्वारा बाहर से लकड़ी लाकर परिसर में ही वर्कशॉप तैयार की गई थी। यहां दरवाजे, बेड, पल्ले, चौखट और अन्य फर्नीचर बनाए जा रहे थे।
सूर्यास्त के कारण पूरी लकड़ी की गणना नहीं हो सकी
डीएफओ अभिषेक अग्रवाल के अनुसार, जांच के दौरान मौके पर बड़ी मात्रा में बीजा और अन्य चिरान मिला। सूर्यास्त होने के कारण बुधवार को लकड़ी और तैयार सामग्री की पूरी गणना नहीं हो सकी।
इसके चलते वन विभाग के एक कर्मचारी को रात में मौके पर तैनात किया गया है। गुरुवार को वनमंडल स्तरीय उड़नदस्ता टीम की मौजूदगी में रिसॉर्ट परिसर में रखी संपूर्ण लकड़ी, चिरान, तैयार और निर्माणाधीन चौखट, दरवाजे तथा अन्य लकड़ी की सामग्री की विस्तृत गणना की जाएगी।
लकड़ी कहां से आई, इसकी भी होगी जांच
वन विभाग अब बरामद लकड़ी के स्रोत की जांच करेगा। इसके तहत यह पता लगाया जाएगा कि लकड़ी कहां से लाई गई, किससे खरीदी गई और उसके परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।
यदि जांच में लकड़ी के अवैध तरीके से लाए जाने की पुष्टि होती है, तो इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी।
पुलिस और राजस्व विभाग के साथ होगी संयुक्त कार्रवाई
डीएफओ ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुवार को पुलिस और राजस्व विभाग के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। मौके पर मिली लकड़ी और उससे तैयार फर्नीचर का मिलान एवं मूल्यांकन करने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार की कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी, सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी समेत वन विभाग का अमला मौजूद रहा। फिलहाल विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि परिसर में कुल कितनी लकड़ी मिली और उसमें से कितनी लकड़ी के वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं।
