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रावण का पुतला जलाने की शिकायत मानवाधिकार आयोग पहुंची

छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के सामने रावण का पुतला जलाने को मानवाधिकार हनन बताते हुए एक शिकायत पहुंची। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया कि रावण का पुतला ही क्यों जलाया जाता है, जबकि दुर्योधन ने भी गंभीर पाप किए थे, तो उसका पुतला क्यों नहीं जलाया जाता। आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष गिरधारी नायक ने बताया कि शिकायतकर्ता को समझाया गया कि रावण मानव नहीं था, इसलिए यह मामला मानव अधिकार आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरधारी नायक ने आयोग के कामकाज और विभिन्न मामलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 से 2026 तक आयोग के सामने करीब 74 हजार मामले पहुंचे हैं। इनमें लगभग 900 मामले अभी लंबित हैं। उनके मुताबिक, लंबित मामलों में बड़ी संख्या पिछले एक-दो वर्षों के मामलों की है और इनके जल्द निराकरण का प्रयास किया जा रहा है।

आयोग के अनुसार कुल मामलों में करीब 40 से 45 प्रतिशत प्रकरण सामाजिक बहिष्कार से जुड़े हैं। जरूरत के अनुसार ऐसे मामलों में समझाइश, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई या अपराध दर्ज करने जैसी कार्रवाई की जाती है।

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अच्छे ड्राइवरों को सम्मान देने का सुझाव

सड़क हादसों को कम करने के लिए आयोग ने RTO और ट्रैफिक विभाग से चर्चा की है। आयोग ने सुझाव दिया है कि तीन से अधिक दुर्घटनाओं में शामिल ड्राइवरों के लाइसेंस की समीक्षा कर निलंबन जैसी कार्रवाई पर विचार किया जाए। वहीं, लंबे समय तक सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने वाले ड्राइवरों को सम्मानित और प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया गया है।

30 हजार ट्रक ड्राइवरों के लिए ग्रुप इंश्योरेंस की पहल

गिरधारी नायक ने बताया कि प्रदेश में 10 से अधिक ट्रक रखने वाले करीब 3 हजार ट्रक मालिक हैं। इनसे जुड़े करीब 30 हजार ट्रक ड्राइवरों को ग्रुप इंश्योरेंस का लाभ दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। आयोग ने ट्रक ड्राइवरों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

700 इंटर्न ने सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का अध्ययन किया

आयोग के पास करीब 700 स्टूडेंट्स इंटर्नशिप के लिए आए थे। उन्हें मानवाधिकारों से जुड़े जमीनी मुद्दों का अध्ययन करने का प्रोजेक्ट दिया गया। इंटर्न ने सफाई कर्मचारियों और गरीब बस्तियों में आधार कार्ड, PDS कार्ड, बच्चों की पढ़ाई, नशे की समस्या, सुरक्षा किट और सफाई के बाद स्वच्छता जैसी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों की जानकारी जुटाई।

करीब एक साल तक जुटाई गई जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई।

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रायपुर के 6 हजार सफाई कर्मचारियों में 1800 की समस्याएं सामने आईं

आयोग के अनुसार यह अध्ययन फिलहाल रायपुर और बिलासपुर में किया गया। रायपुर में करीब 6 हजार सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से लगभग 1800 कर्मचारियों से जुड़ी किसी न किसी समस्या की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट नगर निगम और जिला प्रशासन को सौंप दी गई है, ताकि संबंधित विभाग इन समस्याओं का निराकरण कर सकें।

दोबारा जांच में करीब 1500 नए कुष्ठ रोगी मिले

गिरधारी नायक ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों में 3 हजार से अधिक कुष्ठ रोगी चिन्हित किए गए थे। आयोग ने ऐसे मरीजों और उनके आसपास के लोगों की दोबारा जांच कराने का अनुरोध किया। इसके बाद करीब 1500 नए मरीज सामने आने की जानकारी दी गई। आयोग के अनुसार इन मरीजों का डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है।

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स्कूलों की जर्जर हालत पर डिजाइन बदलने का सुझाव

जिलों के दौरे के दौरान आयोग की टीम ने स्कूल, अस्पताल, जेल और थानों का निरीक्षण किया। कुछ स्कूल भवनों की जर्जर स्थिति भी सामने आई। आयोग ने मरम्मत के साथ स्कूल भवनों के डिजाइन में बदलाव का सुझाव दिया।

गिरधारी नायक ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में कुछ स्कूलों की छत पर बारिश का पानी जमा हो जाता है, जिससे समय के साथ भवन को नुकसान पहुंचता है। इसे देखते हुए छत को ढलान वाला बनाने का सुझाव दिया गया है, ताकि पानी आसानी से निकल सके।

सरेंडर नक्सलियों से बातचीत में अनाथ बच्चों का मुद्दा

बीजापुर दौरे के दौरान आयोग की टीम ने करीब 200 सरेंडर नक्सलियों से बातचीत की। आयोग के अनुसार इनमें 9 ऐसे लोग मिले, जो बचपन में अनाथ थे। इसके बाद संबंधित कलेक्टर से ग्रामीण इलाकों में अनाथ बच्चों की पहचान कर उनकी देखभाल और शिक्षा की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया।

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2009 से पेंशन नहीं मिलने का मामला

आयोग के सामने पेंशन नहीं मिलने के करीब 150 मामले पहुंचे। इनमें कुछ लोगों को तीन, पांच और सात साल से पेंशन नहीं मिलने की शिकायत थी। एक मामला ऐसा भी था, जिसमें संबंधित व्यक्ति को वर्ष 2009 से पेंशन नहीं मिली थी।

आयोग ने जिला स्तर पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर इन मामलों के निराकरण का प्रयास किया। आयोग के मुताबिक करीब 120 मामलों का निराकरण किया जा चुका है।

छात्रों की कॉशन मनी और कर्मचारियों के वेतन की शिकायतें

आयोग के सामने कॉलेज छात्रों की कॉशन मनी वापस नहीं मिलने के मामले भी आए। शिकायतों के बाद संबंधित कॉलेजों को नोटिस भेजे गए और कई मामलों का निराकरण हुआ।

इसी तरह दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने की शिकायतों पर भी आयोग ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। आयोग के मुताबिक ऐसे कई मामलों का निराकरण किया गया है।

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