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बच्चों से PM मोदी पर आपत्तिजनक रील बनवाने का आरोप,होम ट्यूटर पर FIR

एटा में बच्चों से सोशल मीडिया रील बनवाने के मामले में होम ट्यूटर के खिलाफ कार्रवाई एटा में बच्चों से सोशल मीडिया रील बनवाने के मामले में होम ट्यूटर के खिलाफ कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में बच्चों से कथित तौर पर राजनीतिक और आपत्तिजनक सोशल मीडिया रील बनवाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ‘प्रतिभा एडू स्क्वॉड’ नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट चलाने वाली एक होम ट्यूटर ने ट्यूशन पढ़ने वाले बच्चों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से संबंधित आपत्तिजनक टिप्पणियों वाली रील्स बनवाईं और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। मामले में पुलिस ने संबंधित होम ट्यूटर के खिलाफ FIR दर्ज की है।

मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की भूमिका भी सामने आई है। हालांकि, आयोग की सार्वजनिक वेबसाइट पर उपलब्ध ताजा सामग्री में इस खास एटा मामले के नोटिस की प्रति या विस्तृत प्रेस रिलीज फिलहाल उपलब्ध नहीं मिली है। NHRC पहले भी बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल, डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन शोषण से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताता रहा है। मार्च 2026 में आयोग ने बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच और उससे जुड़े जोखिमों पर विशेष चर्चा भी आयोजित की थी।

बच्चों से बनवाई गईं कथित स्क्रिप्टेड रील्स

शिकायत और सामने आई जानकारी के अनुसार, ट्यूशन पढ़ने वाले करीब 6 से 10 वर्ष की उम्र के बच्चों से वीडियो रिकॉर्ड कराए गए। वीडियो में कथित तौर पर शिक्षक बच्चों से कुछ सामान चोरी होने की बात पूछती दिखाई देती हैं और इसके बाद बच्चों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कराई जाती है।

एक रील में बच्चों द्वारा खुद को ‘छोटे कॉकरोच’ कहे जाने का भी दावा किया जा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामले को लेकर विवाद बढ़ गया।

हालांकि, बच्चों के कथित ‘ब्रेनवॉश’ किए जाने जैसे दावे अभी आरोप के स्तर पर हैं। इन दावों की पुष्टि जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई से ही होगी।

पुलिस ने होम ट्यूटर के खिलाफ FIR दर्ज की

मामला सामने आने के बाद एटा पुलिस ने संबंधित होम ट्यूटर के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। आरोप है कि वह अपने यहां पढ़ने वाले बच्चों से राजनीतिक रूप से संवेदनशील वीडियो तैयार करवाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रही थीं।

अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाए गए, बच्चों की भूमिका क्या थी और सोशल मीडिया अकाउंट से उन्हें किस तरह प्रसारित किया गया।

NHRC की कार्रवाई का दावा

मामले को लेकर दी गई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एटा के एसएसपी, जिलाधिकारी, मेटा इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं कंट्री हेड और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को नोटिस भेजकर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

बताया गया है कि संबंधित पक्षों से दो सप्ताह के भीतर Action Taken Report (ATR) दाखिल करने को कहा गया है।

NHRC बच्चों की गरिमा, निजता और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े मामलों पर पहले भी हस्तक्षेप करता रहा है। आयोग ने मार्च 2026 में सोशल मीडिया और बच्चों से जुड़े जोखिमों पर आयोजित चर्चा में साइबर बुलिंग, डेटा प्राइवेसी और बच्चों के ऑनलाइन शोषण जैसी चिंताओं को रेखांकित किया था।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल मामले में पुलिस की FIR और कथित सोशल मीडिया वीडियो जांच का विषय हैं। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि बच्चों से वीडियो किस परिस्थिति में बनवाए गए और मामले में आगे किन कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती है।

चूंकि मामला नाबालिग बच्चों से जुड़ा है, इसलिए उनकी पहचान और निजी जानकारी सार्वजनिक करने से बचना जरूरी है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही आरोपों और घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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