पुलिस के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है। पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा के निर्देश पर यातायात पुलिस ने यह कार्रवाई की।
कोड़ेजूंगा चौक पर रोड रोलर से नष्ट किए साइलेंसर
कार्रवाई के दौरान कोड़ेजूंगा चौक पर जब्त किए गए मॉडिफाइड साइलेंसरों को एक जगह रखा गया। इसके बाद एएसपी योगेश साहू की मौजूदगी में यातायात प्रभारी दीपक साव और उनकी टीम ने रोड रोलर चलाकर उन्हें नष्ट किया।
पुलिस का कहना है कि मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
तेज आवाज से सड़क सुरक्षा पर भी पड़ सकता है असर
एएसपी योगेश साहू के अनुसार, तेज और अचानक निकलने वाली आवाज से बुजुर्गों, छोटे बच्चों और मरीजों को परेशानी हो सकती है। सड़क पर चल रहे दूसरे वाहन चालकों का ध्यान भटकने से दुर्घटना का जोखिम भी बढ़ सकता है।
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपनी बाइक में निर्धारित मानकों के अनुरूप साइलेंसर का इस्तेमाल करें। नियमों के विरुद्ध मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने पर जब्ती सहित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
तेज आवाज वाले वाहनों की शिकायत के लिए नंबर जारी
कांकेर यातायात पुलिस ने नागरिकों से भी अभियान में सहयोग करने की अपील की है। तेज आवाज निकालने वाले वाहनों की शिकायत के लिए मोबाइल नंबर 9479192979 जारी किया गया है।
नागरिक इस नंबर पर संबंधित वाहन का नंबर और वीडियो भेजकर शिकायत कर सकते हैं। पुलिस का कहना है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
मानक साइलेंसर लगाने की अपील
पुलिस ने खास तौर पर युवाओं से अपील की है कि वे बाइक में तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर न लगाएं और निर्धारित गति सीमा का पालन करें। यातायात नियमों का पालन करने से ध्वनि प्रदूषण कम करने के साथ सड़क पर दूसरे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद मिल सकती है।
कांकेर पुलिस के इस अभियान के तहत जब्त साइलेंसरों को नष्ट करने की कार्रवाई की गई है। अब पुलिस की नजर ऐसे वाहनों पर रहेगी जो नियमों के विपरीत मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
