छत्तीसगढ़ के सीतापुर क्षेत्र में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग की संभागीय उड़नदस्ता टीम ने कार्रवाई की है। ऑपरेशन क्लीन के तहत तपेश्वरी गोड़ा मैदान से एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 6 लाख रुपये मूल्य की दवाएं और कफ सिरप बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार युवक की पहचान संजय विश्वकर्मा के रूप में हुई है। आबकारी विभाग के अनुसार, पूछताछ में उसने कथित तौर पर अनमोल गुप्ता के लिए काम करने और झारखंड के गढ़वा से दवाएं लाने की बात कही है। विभाग अब मुख्य आरोपी की तलाश कर रहा है।
गश्त के दौरान संदिग्ध युवक को पकड़ा
जानकारी के अनुसार, सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में संभागीय उड़नदस्ता टीम सीतापुर क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान तपेश्वरी गोड़ा मैदान में सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी लेकर जा रहे एक युवक पर टीम की नजर पड़ी।
आबकारी विभाग के मुताबिक, टीम को अपनी ओर आता देखकर युवक भागने लगा। इसके बाद कर्मचारियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और बोरी की तलाशी ली। पूछताछ में युवक ने अपना नाम संजय विश्वकर्मा बताया।
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बोरी से बरामद हुईं हजारों कैप्सूल और टैबलेट
आबकारी विभाग के अनुसार, तलाशी के दौरान बोरी से बड़ी मात्रा में कैप्सूल, टैबलेट और कफ सिरप बरामद हुए। जब्त सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 6 लाख रुपये बताया गया है।
बरामद दवाओं का विवरण इस प्रकार है:
- स्पास्मो प्रॉक्सिवन प्लस कैप्सूल: 14,144 नग
- नाइट्रोसम 10 एमजी टैबलेट: 880 नग
- एलप्रास टैबलेट: 1,110 नग
- ओनरेक्स कफ सिरप: 20 नग
कार्रवाई के बाद विभाग ने संजय विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया। इन दवाओं की जब्ती और उनके कथित अवैध वितरण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
झारखंड के गढ़वा से दवाएं लाने का दावा
आबकारी विभाग का कहना है कि पूछताछ के दौरान संजय विश्वकर्मा ने कथित तौर पर बताया कि वह अनमोल गुप्ता के लिए काम करता है। आरोपी के अनुसार, वह अनमोल के कहने पर झारखंड के गढ़वा से दवाएं लेकर आया था।
विभाग ने मुख्य आरोपी अनमोल गुप्ता की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

सोशल मीडिया और कोडवर्ड से नेटवर्क चलने की आशंका
स्थानीय स्तर पर नशीली दवाओं के कथित अवैध कारोबार को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि सोशल मीडिया ग्रुप और कोडवर्ड के माध्यम से ग्राहकों तक दवाएं पहुंचाई जाती थीं।
इस कथित नेटवर्क के जरिए युवाओं तक नशीली दवाएं पहुंचने की आशंका जताई गई है। हालांकि, सोशल मीडिया के इस्तेमाल, नाबालिगों तक दवाएं पहुंचाने और नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इन पहलुओं पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
आबकारी विभाग के मुताबिक, संजय विश्वकर्मा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(b) और 22(c) के तहत मामला दर्ज किया गया है। विभाग आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है।
इस कार्रवाई में आबकारी आरक्षक श्यामसुंदर सिंह और दीपक पांडेय के साथ नगर सैनिक गणेश पांडेय, रणविजय सिंह और रोहित सोनवानी शामिल रहे।
क्या बोले सहायक जिला आबकारी अधिकारी?
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि सूखे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन के तहत यह कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार, सीतापुर क्षेत्र में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद टीम ने निगरानी बढ़ाई।
विभाग का कहना है कि जब्त दवाओं के स्रोत और उनके वितरण से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास जारी हैं।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी
इस कार्रवाई के बाद जांच का अगला चरण कथित सप्लाई नेटवर्क और दवाओं के स्रोत का पता लगाना है। आबकारी विभाग अनमोल गुप्ता की तलाश कर रहा है। आगे की जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में और कौन लोग शामिल थे तथा दवाएं किन माध्यमों से वितरित की जा रही थीं।
