बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। राजपुर विकासखंड के ग्राम रेवतपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से परेशान रही, लेकिन अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। परिसर में स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए बने सरकारी आवासों पर भी ताले लटके मिले। ऐसे में महिला का प्रसव महतारी एक्सप्रेस में ही कराना पड़ा।
यह घटना दशहरा के दिन मंगलवार की बताई जा रही है। घटना का वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य केंद्र में उस समय कर्मचारियों की उपलब्धता और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने खड़ी थी महतारी एक्सप्रेस
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को कुछ लोग अंबिकापुर की ओर से रेवतपुर होते हुए जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर ग्राम रेवतपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक सामने सड़क पर खड़ी महतारी एक्सप्रेस (102) पर पड़ी।
वाहन के अंदर एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। उसके परिजन उसे संभालने और ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे थे। इस बीच अस्पताल खुलने और स्वास्थ्यकर्मियों की मदद मिलने का इंतजार किया जा रहा था।
अस्पताल के मुख्य गेट और सरकारी आवासों पर ताला
मौके पर मौजूद लोगों ने जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर देखा, तो मुख्य गेट पर बड़ा ताला लटका हुआ था। अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए बनाए गए सरकारी आवास भी बंद मिले। ऐसे में प्रसव पीड़ा से गुजर रही महिला को तत्काल अस्पताल के भीतर उपचार उपलब्ध नहीं हो सका।
बताया गया कि आखिरकार महतारी एक्सप्रेस में ही महिला का प्रसव कराना पड़ा। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन प्रसूति सेवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। अस्पताल के सामने गर्भवती महिला के प्रसव की स्थिति सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था और कर्मचारियों की मौजूदगी को लेकर चिंता जताई जा रही है।
हालांकि, घटना के समय स्वास्थ्य केंद्र बंद होने के कारणों, संबंधित कर्मचारियों की अनुपस्थिति और विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। मामले में विभागीय पक्ष और जांच की स्थिति सामने आने के बाद ही जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के लिए समय पर चिकित्सा सहायता बेहद जरूरी है। ऐसे में इस घटना ने आपातकालीन परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
