करीब 5 साल की कोशिश के बाद आखिरकार राजधानी के बेहद व्यस्त एमजी रोड और आसपास का थोक इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ट्रांसपोर्ट कारोबार जल्द बाहर चला जाएगा। यहां तीन एसोसिएशनों से जुड़े 107 कारोबारियों ने कमल विहार में प्लाट खरीद लिए हैं और शिफ्टिंग की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। जब ये थोक कारोबारी कमल विहार में शिफ्ट हो जाएंगे, तब एमजी रोड और आसपास के बाकी व्यापार तथा वहां की घनी आबादी को दिनभर होने वाले जाम से राहत मिलेगी। एमजी रोड पर कई तरह के थोक और चिल्हर कालोबार हैं। यह सड़क के दोनों ओर गलियों में भी फैल गए हैं। इस वजह से शारदा चौक से गुरुनानक चौक, एमजी रोड की सारी बायपास सड़कें, जवाहर नगर, राठौर चौक और रामसागरपारा तक ट्रैफिक का दबाव है। यही वजह है कि पिछले पांच साल से यहां के थोक कारोबारियों को बाहर ले जाने की कोशिश चल रही है। इसमें कामयाबी अब जाकर मिली, जब तीनों एसोसिएशनों से जुड़े कारोबारियों ने रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) से एक ही दिन में 52 करोड़ के 119 प्लॉट का सौदा कर लिया है। जिसमें केंद्री व्यावसायिक केंद्र (सीबीडी) के प्लॉट भी शामिल हैं। फिलहाल तीनों एसोसिएशन ने अलग-अलग 200-200 से ज्यादा दुकानों की मांग की है। लोकेशन वाइज इन एसोसिएशन के कारोबारियों को प्लॉट और दुकान की बिक्री की जा रही है। आरडीए अफसरों के अनुसार अभी 100 करोड़ से ज्यादा की जमीन और एसोसिएशन को बेची जाएगी।
चार्टर्ड एकाउंटेंड भी जाएंगे बाहर
प्रदेश में ऐसा पहली बार हुआ है जब चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) एसोसिएशन ने कमल विहार में 76 हजार वर्गफीट जमीन मांगी है। रायपुर सीए एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर बरडिया और सचिव रवि ग्वालानी ने बताया कि कमल विहार में देश का पहला सीए पार्क बनाने का कांसेप्ट है, जहां शहर के सभी सीए के दफ्तर एक जगह पर होंगे। एसोसिएशन ने अपने सदस्यों के लिए भी 900 से 1100 वर्गफीट जमीन मांगी है। थोक कारोबारियों को कमल विहार में शिफ्ट करने के लिए चैंबर के योगेश अग्रवाल और राधाकिशन सुंदरानी ने लगातार आरडीए अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़ से मुलाकात की।

