बारिश के मौसम में नाक, कान और गले से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इनमें एलर्जी भी एक प्रमुख कारण हो सकती है। एलर्जी का ईएनटी यानी कान, नाक और गले से गहरा संबंध है। इसके कारण नाक बंद होना, बार-बार छींक आना, नाक बहना, साइनस में सूजन, गले में खराश और कान में भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
मुख्य रूप से दो तरह की बताई गई है एलर्जी
दिए गए स्रोत के अनुसार एलर्जी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है। पहली एयरो एलर्जी है, जो सांस के जरिए शरीर में पहुंचने वाले एलर्जन से जुड़ी होती है। दूसरी एलर्जी खान-पान से संबंधित होती है।
नाक के जरिए होने वाली एलर्जी से बचाव के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। मास्क को नियमित रूप से साफ और नया रखने पर भी जोर दिया गया है।
एलर्जी की वजह जानने में मदद करता है स्किन प्रिक टेस्ट
अगर एलर्जी की समस्या ज्यादा परेशान कर रही है तो स्किन प्रिक टेस्ट कराया जा सकता है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि किसी व्यक्ति को किस खास चीज से एलर्जी है।
एलर्जी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह से दवाइयां और नाक के स्प्रे का इस्तेमाल किया जा सकता है। स्रोत में इम्यूनोथेरेपी का भी उल्लेख किया गया है। इसका उद्देश्य संबंधित एलर्जन के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में मदद करना है।
एलर्जी से नाक और साइनस की समस्या
एलर्जी के कारण नाक बंद होने, छींक आने और नाक बहने जैसी परेशानियों के अलावा साइनस में सूजन भी हो सकती है। स्रोत के अनुसार एलर्जी की वजह से नाक में मस्से जैसी समस्या भी हो सकती है।
नाक से जुड़ी अन्य समस्याओं में नाक की हड्डी का टेढ़ापन भी शामिल है। ऐसी समस्याओं के लक्षण लगातार बने रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी हो सकता है।
कान बहना और सुनने में कमी भी आम समस्या
ईएनटी से जुड़ी परेशानियों में कान बहना और उम्र बढ़ने के साथ सुनने की क्षमता कम होना भी आम समस्या बताई गई है। स्रोत के अनुसार सुनने में परेशानी के पीछे कान की नस के डैमेज होने या सुनने से संबंधित नस में खराबी जैसी वजहें हो सकती हैं।
सुनने की क्षमता में बदलाव या कान से जुड़ी लगातार समस्या होने पर जांच के लिए डॉक्टर से संपर्क करना उचित है।
गले की समस्या में गरारे से मिल सकती है राहत
गले से जुड़ी समस्याओं में टॉन्सिल्स का बढ़ना भी शामिल है। स्रोत में रात को ब्रश करने के बाद नमक के पानी से गरारे करने को राहत देने वाला उपाय बताया गया है।
हालांकि, अगर गले में दर्द के साथ बुखार भी बढ़ रहा हो तो चिकित्सक की सलाह लेने की बात कही गई है। एलर्जी या ईएनटी से जुड़ी समस्या लगातार बनी रहने पर अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर से जांच और उपचार की सलाह लेना जरूरी है।
