छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। पटपरिया क्षेत्र में पीजी कॉलेज की बीए प्रथम वर्ष की छात्रा ने अपने जीजा के घर के बाथरूम में फांसी लगा ली। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
छात्रा करीब छह महीने पहले पढ़ाई के लिए अंबिकापुर आई थी। घटना की रात वह काफी देर तक बाथरूम से बाहर नहीं आई। परिजनों ने खिड़की से देखा तो वह फंदे से लटकी मिली।
छात्र नेता पर ब्लैकमेल करने का आरोप
मृतका के परिजनों ने एक छात्र नेता ज्ञान तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के मुताबिक, छात्रा की सहेलियों से उन्हें जानकारी मिली कि छात्र नेता कथित तौर पर उसे प्रताड़ित कर रहा था।
परिजनों का आरोप है कि छात्र नेता के पास छात्रा की कुछ निजी चैट और वीडियो थे। इन्हें सार्वजनिक करने और परिवार के सदस्यों को दिखाने की धमकी देकर छात्रा पर कथित रूप से दबाव बनाया जा रहा था।
हालांकि, ये आरोप फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
ABVP ने थाने के बाहर किया प्रदर्शन
घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में भी प्रतिक्रिया सामने आई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गांधीनगर थाने के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपी का पुतला जलाया।
ABVP की जिला संयोजक रानी मिश्रा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के कारण पुलिस मामले में कार्रवाई करने में देरी कर रही है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की।
टीएस सिंहदेव ने निष्पक्ष जांच की मांग की
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी घटना पर संज्ञान लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की पैरवी की है।
वहीं, जांच अधिकारी दिलीप दुबे के अनुसार पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
छात्रा की मौत के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और परिजनों की ओर से लगाए गए ब्लैकमेलिंग के आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस संबंधित लोगों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
मामले में फिलहाल किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।
