एकलव्य स्कूल में छात्राओं से छेड़छाड़ का मामला

एकलव्य स्कूल में छात्राओं से छेड़छाड़ का मामला

बीजापुर जिले के रूद्राराम स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं से कथित बैड टच और छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गए हैं। मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश के बाद पुलिस ने विद्यालय में पदस्थ कंप्यूटर शिक्षक के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मामले में कई छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आई है। पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।

CM साय ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला कलेक्टर को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में बालिका छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टरों से ऐसे संस्थानों का नियमित निरीक्षण करने और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की पड़ताल करने को कहा गया है।

शिकायत के बाद कंप्यूटर शिक्षक पर FIR

भोपालपटनम पुलिस ने पीड़िता की शिकायत और मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद एकलव्य विद्यालय में पदस्थ कंप्यूटर शिक्षक देवेंद्र दय्या के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, 12 सितंबर को एक पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विद्यालय में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा के साथ शिक्षक ने कथित तौर पर गलत नीयत से आपत्तिजनक स्पर्श किया।

छात्रा से दोबारा छेड़छाड़ के प्रयास का आरोप

शिकायत के अनुसार, घटना 7 अक्टूबर 2025 की बताई गई है। आरोप है कि शिक्षक ने अलग-अलग मौकों पर छात्रा के साथ दोबारा छेड़छाड़ करने का प्रयास किया। शिकायत में कहा गया है कि छात्रा ने इसका विरोध किया। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो अधिनियम, 2012 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

मामले में पुलिस की विवेचना जारी है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि शिक्षक के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। मामले में दोष सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा। छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन की ओर से आवासीय विद्यालयों और बालिका छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश भी दिए गए हैं।

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