अश्मिता चालिहा ने रचा इतिहास

अश्मिता चालिहा ने रचा इतिहास

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब जीतते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने रविवार को कोरिया मास्टर्स सुपर 300 के महिला सिंगल्स फाइनल में चीन की हान कियानक्सी को शानदार वापसी करते हुए 14-21, 21-14, 21-14 से हराया। 53 मिनट तक चले मुकाबले में अश्मिता ने पहला गेम गंवाने के बाद जबरदस्त वापसी की और अपना पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब अपने नाम किया।

पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी

फाइनल की शुरुआत अश्मिता के लिए आसान नहीं रही। हान कियानक्सी ने शुरुआती गेम में भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बनाए रखा और 21-14 से पहला गेम अपने नाम कर लिया।हालांकि, अश्मिता ने दूसरे गेम में अपनी रणनीति और आक्रामकता दोनों में बदलाव किया। उन्होंने रैलियों पर बेहतर नियंत्रण बनाया और लगातार अंक हासिल करते हुए दूसरा गेम भी 21-14 से जीत लिया। इसके साथ ही मुकाबला निर्णायक तीसरे गेम में पहुंच गया।

निर्णायक गेम में दिखाया दम

तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। अश्मिता एक समय 9-11 से पीछे थीं, लेकिन उन्होंने दबाव में अपना संयम बनाए रखा।इसके बाद भारतीय शटलर ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया और महत्वपूर्ण अंकों पर बढ़त बनाई। अंत में उन्होंने तीसरा गेम भी 21-14 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।

चोट के बाद शानदार वापसी

अश्मिता के लिए यह खिताब इसलिए भी खास है क्योंकि वह चोट के बाद अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में वापसी कर रही थीं। दाहिने घुटने में मेनिस्कस टियर के कारण उन्हें करीब तीन महीने तक कोर्ट से दूर रहना पड़ा था।वापसी के बाद सीधे BWF World Tour Super 300 का खिताब जीतना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है और यह उनकी फिटनेस तथा मानसिक मजबूती को भी दर्शाता है।

करियर का सबसे बड़ा खिताब

कोरिया मास्टर्स की जीत अश्मिता के करियर का अब तक का सबसे बड़ा खिताब है। 26 वर्षीय असम की खिलाड़ी ने इस जीत के साथ खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत भारतीय महिला शटलर के रूप में स्थापित किया है।उनकी इस उपलब्धि से भारतीय बैडमिंटन में भी खुशी की लहर है। लगातार दूसरे सप्ताह एक भारतीय महिला शटलर ने BWF World Tour खिताब जीता है। इससे पहले तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन का खिताब अपने नाम किया था।

हान कियानक्सी के खिलाफ शानदार प्रदर्शन

चीन की हान कियानक्सी को फाइनल में हराना अश्मिता के लिए बड़ी चुनौती थी। हान इससे पहले BWF World Tour पर खिताब जीत चुकी हैं और कोरिया मास्टर्स के पिछले संस्करण में भी उपविजेता रही थीं।इसके बावजूद अश्मिता ने पहला गेम हारने के बाद मैच में वापसी की और लगातार दो गेम जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।

स्कोर:
अश्मिता चालिहा ने हान कियानक्सी को 14-21, 21-14, 21-14 से हराया।इस जीत के साथ अश्मिता चालिहा ने अपने करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। चोट से वापसी के बाद मिला यह पहला BWF World Tour खिताब भारतीय बैडमिंटन के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है।

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