असम के गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ के बोकियाल इलाके से वन्यजीवों के लिए चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया। यहां एक जंगली हाथी के गले में ट्रैक्टर का टायर फंस गया, जिसके बाद वह चाय बागान में घूमता नजर आया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग सक्रिय हुआ और हाथी को सुरक्षित बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
कई घंटे की मेहनत के बाद निकाला टायर
हाथी के गले में टायर फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने उसकी लगातार निगरानी शुरू की। हाथी को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे, इसके लिए सावधानी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। तमिलनाडु कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुप्रिया साहू ने भी सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि असम वन विभाग की टीम ने कई घंटों की मेहनत के बाद हाथी के गले में फंसा भारी ट्रैक्टर टायर सफलतापूर्वक निकाल दिया।

टायर हाथी के गले तक कैसे पहुंचा
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रैक्टर का टायर हाथी के गले में किस तरह फंसा। स्थानीय स्तर पर अनुमान लगाया गया कि जंगल या आसपास घूमते समय हाथी किसी तरह टायर में उलझ गया होगा और वह उसके गले तक पहुंच गया। घटना सामने आने के बाद वन विभाग ने हाथी पर नजर बनाए रखी, ताकि टायर की वजह से उसे किसी तरह की चोट या परेशानी न हो।
काजीरंगा से बुलाई गई थी डॉक्टरों की टीम
फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर कीर्ति कमल डेका के अनुसार, विभाग को सुबह हाथी के गले में टायर फंसे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और हाथी को सुरक्षित रखने के लिए निगरानी शुरू की।
वन विभाग ने काजीरंगा से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी बुलाई थी। जरूरत पड़ने पर हाथी को बेहोश कर टायर निकालने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, बाद में वन विभाग की टीम ने अभियान चलाकर टायर को सफलतापूर्वक हटा दिया।
वन्यजीवों के लिए कचरा बना बड़ा खतरा
इस घटना ने जंगल और वन्यजीव क्षेत्रों के आसपास फेंके जाने वाले कबाड़ और कचरे को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। बेकार पड़े टायर और अन्य सामान जंगली जानवरों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। हाथी को सुरक्षित बचाए जाने के बाद वन विभाग और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। घटना ने यह भी दिखाया कि वन क्षेत्रों के आसपास कचरा प्रबंधन और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है।

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