छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में रिहायशी इलाकों में भालुओं की आवाजाही से लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है। खाने की तलाश में भालू अब घरों और कॉलोनियों तक पहुंच रहे हैं। गोविंदपुर में एक भालू घर के किचन में घुस गया, जबकि सरंगपाल की रामेश्वरम कॉलोनी में दो भालुओं ने कई घरों में घुसने की कोशिश की।
किचन से आई आवाज तो परिवार ने देखा भालू
गोविंदपुर में रात के समय परिवार के लोग घर में सो रहे थे। इसी दौरान किचन से बर्तन और सामान गिरने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर परिवार के सदस्य सतर्क हुए और जब उन्होंने किचन की ओर जाकर देखा तो वहां भालू मौजूद था। परिवार के लोगों के अनुसार, भालू की नजर जैसे ही उन पर पड़ी, वह उनकी ओर बढ़ने लगा। इसके बाद घबराए लोगों ने अपने कमरों के दरवाजे बंद कर खुद को सुरक्षित किया। कुछ समय बाद भालू वहां से निकल गया।
सरंगपाल में दो भालुओं ने घरों में घुसने की कोशिश की
इसी तरह सरंगपाल स्थित रामेश्वरम कॉलोनी में रात करीब 2 बजे दो भालुओं की मौजूदगी से हड़कंप मच गया। दोनों भालू कॉलोनी के कई घरों के आसपास घूमते रहे और अंदर घुसने के लिए दरवाजों को तोड़ने की कोशिश करते नजर आए। भालुओं की गतिविधि का पता चलते ही कॉलोनी के लोगों ने एक-दूसरे को सतर्क किया। इस दौरान काफी देर तक इलाके में डर का माहौल बना रहा।
वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों भालुओं को रिहायशी इलाके से दूर खदेड़ा। इसके बाद कॉलोनीवासियों ने राहत की सांस ली। लगातार रिहायशी क्षेत्रों में भालुओं के पहुंचने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि वन विभाग को ऐसे इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर लोगों को सतर्क करने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
