दिव्यांग दंपतियों के लिए बड़ी सौगात विवाह पर सरकार देगी 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि

दिव्यांग दंपतियों के लिए बड़ी सौगात विवाह पर सरकार देगी 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि

छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांगजनों के सामाजिक पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना संचालित की है। इस योजना के तहत पात्र दिव्यांग दंपतियों को विवाह के बाद 50 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। विभाग ने पात्र हितग्राहियों से ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।

किसे कितनी मिलेगी सहायता

योजना के अनुसार यदि विवाह एक दिव्यांग और एक सामान्य व्यक्ति के बीच होता है, तो दंपति को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। वहीं यदि दोनों पति-पत्नी दिव्यांग हैं, तो उन्हें 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह अनुदान संयुक्त रूप से केवल एक बार दिया जाएगा।

ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन

समाज कल्याण विभाग ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। इच्छुक हितग्राही विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान सभी जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी JPG या PDF प्रारूप में अपलोड करना अनिवार्य होगा।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को आयु प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र या विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, मूल निवास प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र (40% या अधिक), यूडीआईडी (UDID) नंबर, आय प्रमाण-पत्र, वर-वधू की संयुक्त फोटो, राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक की प्रति और ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर करार विलेख सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।

पात्रता की शर्तें

योजना का लाभ लेने के लिए दंपति में से कम से कम एक व्यक्ति का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना जरूरी है। पति या पत्नी में से किसी एक अथवा दोनों की दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक होनी चाहिए। पुरुष की आयु विवाह के समय 21 से 45 वर्ष और महिला की 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। विवाह सामाजिक रीति-रिवाजों या सक्षम न्यायालय के माध्यम से विधिवत संपन्न होना चाहिए। साथ ही दंपति में से कोई भी आयकरदाता नहीं होना चाहिए।

गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई

समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन में दी गई जानकारी या दस्तावेज भविष्य में गलत या फर्जी पाए जाते हैं, तो लाभार्थी से दी गई अनुदान राशि भू-राजस्व की तरह वसूल की जाएगी। विभाग ने पात्र दिव्यांगजनों से समय पर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ लेने की अपील की है।

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