नई दिल्ली. लाखों छात्र केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड (Central Board of Secondary Education) की 10वीं और 12वीं कक्षा के रिजल्ट (CBSE Board Results 2020) का इंतज़ार कर रहे हैं. सीबीएसई ने भी जुलाई में होने वाली बची हुई परीक्षाओं को कैंसिल करने के बाद 15 जुलाई तक रिजल्ट जारी करने की घोषणा की थी. जिसके लिए अब काउंटडाउन शुरू हो गया है और रिजल्ट कभी भी आ सकता है. हालांकि, इस बात को लेकर भी असमंजस सभी के दिमाग में बना हुआ है कि क्या इस बार 10वीं और 12वीं का रिजल्ट साथ में आएगा या अलग अलग आएगा. इसके लिए पहले पिछले कुछ सालों के ट्रेंड को जानना काफी ज़रूरी है-
पिछले साल का ट्रेंड
पिछले साल यानी 2019 में सीबीएसई ने दोनों कक्षाओं के रिजल्ट को अलग अलग जारी किया था. 10वीं और 12वीं के रिजल्ट के जारी होने में चार दिन का अंतर था. 2 मई को बोर्ड ने 12वीं का और 6 मई को 10वीं का रिजल्ट जारी किया था. खास बात थी कि सीबीएसई ने रिजल्ट जारी करने से पहले कोई सूचना भी नहीं दी थी और अचानक रिजल्ट की घोषणा कर दी थी. पिछले साल 12वीं का पास प्रतिशत 83.4 और 10वीं का पास प्रतिशथ 91.10 था.
साल 2018 का ट्रेंड
साल 2018 में भी दोनों कक्षाओं का रिजल्ट अलग अलग दिनों में जारी किया गया था. 26 मई को 12वीं का रिजल्ट और 29 मई को 10वीं का जारी किया गया था. इस तरह से दोनों रिज़ल्ट्स के बीच में तीन दिन का अंतर था. साल 2018 में करीब 28 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया था जिसमें से दसवीं का पास प्रतिशत 90.95 और 12वीं का पास प्रतिशत 82.02 था.
साल 2017 का ट्रेंड
इस साल सीबीएसई को रिजल्ट जारी करने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा और रिजल्ट जारी करने की तारीख को आगे बढ़ाना पड़ा. फिर सीबीएसई ने 28 मई को 12वीं का और 3 जून को 10वीं का रिजल्ट जारी किया. इस साल दसवीं का रिजल्ट 90.95 फीसदी जबकि 12वीं का रिजल्ट 82.02 फीसदी रहा. यानी इस साल दोनों रिजल्ट्स के बीच में भी 5 दिन का अंतर रहा.
साल 2016 का ट्रेंड
इस साल दसवीं का रिजल्ट पहले जारी किया गया. 10वीं का रिजल्ट 28 मई को जबकि 12वीं का रिजल्ट 8 जून को जारी किया गया. इस तरह से दोनों कक्षाओं के रिजल्ट में एक हफ्ते से ज्यादा का अंतर भी रहा. साल 2016 में 12वीं का रिजल्ट 83.5 फीसदी रहा जबकि दसवीं का पास प्रतिशत 96.21 रहा. दोनों ही कक्षाओं में लड़कियों का परफॉर्मेंस लड़कों से बेहतर रही है.
साल 2015 का ट्रेंड
इस साल सीबीएसई ने 12वीं का रिजल्ट 25 मई जबकि दसवीं का रिजल्ट 28 मई को घोषित किया गया. इस साल दसवीं का कुल पास प्रतिशत 97.32 फीसदी जबकि 12वीं का पास प्रतिशत 82 फीसदी रहा.
क्या साथ में आ सकता इस साल का रिजल्ट
अब पिछले पांच सालों के इस ट्रेंड से अगर हम अनुमान लगाने की कोशिश करें तो हम देखते हैं कि सीबीएसई ने हर साल 10वीं और 12वीं का रिजल्ट अलग अलग दिनों में ही घोषित किया है. और दोनों कक्षाओं के रिजल्ट में कम से कम तीन दिन का अंतर भी रहा है. इसे देखते हुए ऐसा लगता है कि इस साल भी सीबीएसई को अलग अलग ही रिजल्ट जारी करना चाहिए. लेकिन चूंकि अब 15 जुलाई में ज्यादा दिन नहीं बचे हैं, ऐसे में 12वीं का रिजल्ट आज भी आ सकता है और 15 को 10वीं का रिजल्ट आ सकता है. चूंकि पहले भी सीबीएसई बिना किसी सूचना के रिजल्ट जारी कर चुका है, इसलिए यह भी नहीं कहा जा सकता है कि अभी तक इस बारे में बोर्ड ने कोई सूचना नहीं दी है.
हर साल मई में आता है रिजल्ट
लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि इस साल परिस्थितियां पहले के सालों से अलग हैं. रिजल्ट जारी होने में पहले ही देरी हो चुकी है. हर साल रिजल्ट मई महीने में जारी हो जाता था लेकिन कोरोना वायरस की महामारी के चलते अभी तक रिजल्ट की घोषणा नहीं हो पाई है. ऐसे में यह भी हो सकता है कि बोर्ड एक ही दिन में दोनों रिजल्ट घोषित कर दें, क्योंकि अब 15 जुलाई में ज़्यादा दिन भी नहीं बचे हैं.
कुल पास प्रतिशत में भी हो सकता है बदलाव
रिजल्ट पास प्रतिशत की बात करें तो हर साल यह देखने को मिला है कि 12वीं का पास प्रतिशत 80 और 90 फीसदी के बीच जबकि 10वीं का पास प्रतिशत 90 के ऊपर रहा है. हालांकि, इस बार चूंकि सभी पेपर्स की परीक्षाएं नहीं हुई हैं इसलिए कुछ भी कह पाना मुश्किल है कि इस साल का पास प्रतिशत कितना रहेगा.

