बिलासपुर के कोटा थाना क्षेत्र में लूट और नकबजनी की वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ने पहले रेलवे कर्मचारी से कलेक्शन की रकम लूटी और कुछ दिन बाद बुर्का पहनकर एक घर में घुसकर मारपीट की। बदमाशों ने एयरगन दिखाकर सोने के जेवर लूट लिए थे। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, सोने के जेवर, वारदात में इस्तेमाल कार और बाइक के अलावा छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में करीब 100 प्रतिशत माल बरामद करने का दावा किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
रेलवे कर्मचारी से लूट की पहली वारदात
पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई को एक रेलवे कर्मचारी बेलगहना रेलवे स्टेशन से कलेक्शन की रकम लेकर जा रहा था। इसी दौरान सलका डैम मोड़ के पास बदमाशों ने उसे निशाना बनाया। आरोपियों ने कर्मचारी से बैग झपट लिया और धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना की जांच चल ही रही थी कि 18 जुलाई को दूसरी वारदात सामने आई।
बुर्का पहनकर घर में घुसे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, दूसरी घटना में कुछ आरोपी बुर्का पहनकर राजकुमारी जायसवाल के घर में दाखिल हुए। घर में घुसने के बाद आरोपियों ने मारपीट की और एयरगन दिखाकर सोने के जेवरात लूट लिए। लगातार हुई दोनों घटनाओं के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान मिले सुरागों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
राकेश जायसवाल ने बनाई थी वारदात की योजना
पुलिस की जांच में सामने आया कि राकेश जायसवाल ने कथित तौर पर वारदात की योजना बनाई थी। इसके बाद पुलिस ने राकेश जायसवाल, दिव्यांशु जायसवाल, आदर्श तिवारी, हर्ष नामदेव, हर्ष सोनी और सनी सिंह को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी कोटा क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनके पास से पिस्टल, सोने के जेवर, कार, बाइक और छह मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों में करीब 100 प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया है। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है।
