बिहार में पहली महिला डिप्टी सीएम देकर BJP ने खेला बड़ा दाव, जानें रेणु देवी का राजनीतिक सफर

सूबे में आज शाम नई सरकार का गठन हो जाएगा. एक बार फिर नीतीश कुमार (Nitish Kumar) मुख्यमंत्री पद की 7 वीं बार शपथ लेंगे लेकिन एनडीए (NDA) के तहत बन रही सरकार में उनके साथ इस बार उपमुख्यमंत्री के तौर पर सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) नही रहेंगे. कारण की भाजपा ने बिहार में जातिगत समीकरण की नींव को धारदार व मजबूत बनाने के लिहाज से एक बड़ा तुरुप का पत्ता फेंका है और आधी आबादी को अपने पाले में करने के लिए बेतिया विधानसभा क्षेत्र से 5 वी बार विधायक चुनी गई रेणु देवी को उपमुख्यमंत्री का ताज पहनाया है.

दरअसल बीजेपी ने इस बार दो डिप्टी सीएम का फार्मूला दिया है जिसके तहत कटिहार के विधायक तार किशोर प्रसाद को भी मौका मिला है. उनके द्वारा लिए गए इस निर्णय के पीछे एक और मकसद महिला वोटरों को एक तोहफा देना भी है क्योंकि महिलाओं ने लोकतंत्र के इस महापर्व में एनडीए के पक्ष में खुलकर वोटिंग की है, नतीजतन कांटे की टक्कर के बावजूद एनडीए को सरकार बनाने का मौका मिला है.

आरएसएस से जुड़ी रही हैं रेणु देवी

पश्चिमी चंपारण जिला के बेतिया की स्थायी निवासी रेणु देवी का जन्म 1959 में हुआ और बाल्यकाल से ही उनका जुड़ाव आरएसएस से रहा है. 31 वर्षो से वह बीजेपी जुड़ी हुई हैं लिहाज जिला और प्रदेश स्तर के महिला मोर्चा के पद को संभाला है. सबसे पहले 1995 में बीजेपी ने इनको नौतन विधानसभा से अपना उम्मीदवार बनाया था जहां इनको हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद वर्ष 2000 में बीजेपी के टिकट पर इन्होंने विधानसभा बदल कर बेतिया से चुनाव लड़ा और पहली जीत का स्वाद चखा, तब से ये लगातार बेतिया का प्रतिनिधित्व करती रही और वर्ष 2007 में एनडीए सरकार में इनको कला एवं संस्कृति मंत्री भी बनाया गया था. हालांकि 2015 के चुनाव में 1640 के मामूली अंतर से हार गईं बावजूद क्षेत्र में विकास के कार्यों से जुड़ी रही. इस मर्तबा वो 18000 वोटों से जीतकर सूबे की डिप्टी सीएम की जिम्मेवारी सम्भालने वाली हैं.
आरजेडी के एमवाई समीकरण पर भारी पड़ा महिला और यूथ समीकरण

इस मर्तबा का चुनाव एनडीए और महागठबंधन दोनों ने एम वाई समीकरण के तहत ही लड़ा. दोनों पार्टियों के एमवाई समीकरण में अंतर सिर्फ इतना था कि एक मे जातिगत समीकरण को तरजीह दी तो दूसरे ने लिंग के आधार पर वोटरों को गोलबंद किया. बीजेपी का एमवाई समीकरण महिला और यूथ पर आधारित था यही वजह है कि इस मंत्रिमंडल में महिला को एक बड़ा पद से सुशोभित किया जा रहा है और यूथ चेहरों को भी जगह मिल रही है.

महिला वोटरों को एकजुट करने के लिए पहली महिला डिप्टी सीएम

बिहार में महिला वोटरों की गोलबंदी एक स्थायी सरकार की पटकथा लिख सकती है. यह इस चुनाव ने साबित कर दिया है. ऐसे में बीजेपी ने बेतिया से 5 बार की विधायक और चुनाव पूर्व भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुकी रेणु देवी को एनडीए सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद देकर एक बड़ा दांव साधने की कोशिश की है. चुकी रेणु देवी अतिपिछड़ा वर्ग से आती हैं और अब तक के राजनीतिक जीवन मे अतिपिछड़ों खासकर नोनिया, बिंद और मल्लाह जाति पर अच्छा प्रभाव बनाए रही है ऐसे में राजनीतिक गलियारे में बीजेपी के इस निर्णय की चर्चा जोरों पर है कि भाजपा ने अतिपिछड़ों सहित महिलाओं को अपने पक्ष में गोलबंद करने के लिए यह निर्णय लिया है.